नि:स्वार्थ मित्रता हमेशा याद रखी जाती है : शास्त्री

ग्राम सिकरौदा में सातवे दिन हुई श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह एवं सुदामा चरित्र की कथा

भिण्ड, 28 नवम्बर। मित्रता यदि नि:स्वार्थ हो तो पुराणों में भी शामिल हो जाती है। जैसे कि भगवान श्रीकृष्ण के बाल सखा गरीब सुदामा की मित्रता जो पुराणों में दर्ज है। यह उद्गार गोरमी तहसील के ग्राम सिकरौदा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवे दिन सुदामा चरित्र की कथा पर प्रवचन करते हुए कथा व