नाबालिगा से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास

सागर, 24 जनवरी। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) एवं नवम अपर-सत्र न्यायाधीश जिला सागर श्रीमती ज्योति मिश्रा के न्यायालय ने नाबालिगा के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी राहुल लोधी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा- 5(स), सहपठित धारा 6 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास व आठ हजार रुपए अर्थदण्ड एवं धारा 366 भादंवि के तहत तीन वर्ष सश्रम कारावास व एक हजार रुपए जुर्माने की सजा से दण्डित किया है। उक्त मामले की पैरवी प्रभारी उप संचालक (अभियोजन) धमेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार पटैल ने की।
जिला लोक अभियोजन सागर के मीडिया प्रभारी के अनुसार घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 23 मई 2021 को अभियोक्त्री के पिता ने आरक्षी केन्द्र नरयावली में अभियोक्त्री के गुम हो जाने संबंधी सूचना दर्ज कराई, जिसके आधार पर थाना नरयावली के अपराध क्र.193/2021 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट इस आशय की लेख की गई कि 22 मई 2021 को रात्रि करीब 10 बजे वह अपने परिवार के साथ खाना खाकर सो गया था, सुबह करीब तीन बजे पत्नी जंगल चली गई थी, फिर उसने सुबह छह बजे उठकर देखा तो उसकी लड़की अपने कमरे में नहीं थी, उसने अपनी पत्नी से फोन लगाकर पूछा कि अभियोक्त्री उसके साथ है, तो उसने बताया कि अभियोक्त्री उसके साथ नहीं है, फिर उसने आस-पास तलाश कर रिश्तेदारों को फोन लगाया, किंतु अभियोक्त्री का कोई पता नहीं चला। उसी समय से गांव के राहुल लोधी भी नहीं है, जिस पर अभियोक्त्री को अपने साथ ले जाने का संदेह जाहिर करते रिपोर्ट दर्ज कर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 363, 366, 376(2)(द) एवं पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 5(एल)/6 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान अभियोक्त्री को दस्तयाब किया गया एवं विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन ने साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया, अभियोजन ने अपना मामला आरोपी के विरुद्ध संदेह से परे प्रमाणित किया। जहां विचारण उपरांत न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) एवं नवम अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति मिश्रा की अदालत ने दोषी करार देते हुए आरोपी को उपरोक्त सजा से दण्डित किया है।