प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के कार्यक्रम में की शिरकत
इन्दौर/भिण्ड, 25 अगस्त। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मप्र में किसी भी पत्रकार के खिलाफ यदि कोई प्रकरण दर्ज होता है तो उसकी सीआईडी जांच के बाद ही आरोपी पत्रकार पर कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भिण्ड में जिन तीन पत्रकारों के खिलाफ कायमी की गई है, उनकी जांच के आदेश दे दिए गए है, जब तक जांच नहीं होती न तो उनकी गिरफ्तारी होगी और ना ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश के वरिष्ठ मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष शरद जोशी ने बताया कि मिश्रा ने यह बात मप्र श्रमजीवी पत्रकार संंघ के इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने यह बात प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया द्वारा ध्यान आकर्षित किए जाने पर कही। भदौरिया ने गृहमंत्री से आग्रह किया था कि प्रदेश में किसी भी पत्रकार पर जब तक पुलिस कार्रवाई न हो जब तक की उसकी सीआईडी जांच न हो जाए। उन्होंने मंत्री से यह भी कहा कि भिण्ड में तीन पत्रकारों के खिलाफ केवल इसलिए कार्रवाई की गई क्योंकि उन्होंने किसी बात को लेकर खबर प्रकाशित की थी। यह लोकतंत्र मुल्यों के विपरित है, इस प्रकार की कार्रवाई करने से पत्रकार जगत में भय और आतंक का माहौल उत्पन्न होता है।
कलम का सच्चा सिपाही है
गृहमंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि पत्रकार विपिरित परिस्थितियों में अपना काम कर्मठता से करता है। वह लोकतंत्र का सजग प्रहरी है और कलम का सच्चा सिपाही भी। सरकार पत्रकारों के हितों की चिंता कर रही है, इसलिए अनेक योजनाएं भी संचालित की गई है।
संगठन के पदाधिकारी दायित्व के प्रति सजग रहे : भदौरिया
शलभ भदौरिया ने इस अवसर पर कहा कि संगठन के विभिन्न पदों पर बैठे हमारे पदाधिकारी साथी अधिक सक्रियता से कार्य करें, क्योंकि वर्तमान में पत्रकारों के सामने निरंतर समस्याएं उत्पन्न हो रही है, एकजुटता से ही समस्या का निदान संभव है। उन्होंने संगठन द्वारा पत्रकारों के हित में किए गए कार्यों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश की सभी जिला इकाईयां सक्रिय है। इसका ही परिणाम है कि हमारी कई मांगों पर सरकार ने ध्यान दिया और स्वीकृत की है, लेकिन स्वीकृति की प्रत्याशा के बाद भी जो मांगें लंबित हैं, उस पर सरकार गोर करें। उन्होंने पत्रकार बीमा योजना को भी उदार बनाने का आग्रह सरकार से किया और कहा कि सदस्यों को संकट के समय योजना का लाभ मिले यह अत्यंत जरूरी है।
समय के साथ पत्रकारों को अपडेट होना पड़ेगा : त्रिवेदी
टीवी पत्रकार वर्धन त्रिवेदी ने भी अपनी ओजस्वी वाणी में कहा कि स्वार्थ लोग और अहंकार से उपर उठकर कार्य करना ही पत्रकारिता है। समय के साथ पत्रकारों को अपडेट होना पड़ेगा। सच्चा पत्रकार वह है जो संसाधन की कमियों के बावजूद भी अपने कर्तव्य पर खरा उतरता है। सच्चा पत्रकार भी एक सैनिक होता है। जिस प्रकार सैनिक का सम्मान किया जाता है वैसे ही सच्चे और ईमानदार पत्रकार का भी समाज सम्मान करें। पत्रकारों के हितों की चिंता करना शासन का धर्म है। उन्होंने यह भी कहा कि वह भी पत्रकार बिरादरी से जुड़़े है, मप्र के है, उन्हें इस बात का गर्व है कि वे प्रदेश की इस मिट्टी में जन्मे हैं।
केन्द्र व राज्य की समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा
मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ की इंदौर में प्रथम कार्यसमिति की बैठक प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया की अध्यक्षता में बुधवार को संपन्न हुई, जिसमें संगठन संबंधित अनेक निर्णय लिए गए, जिसमें केन्द्र सरकार से जुड़ी मांगों को लेकर क्षेत्रीय सांसदों, केन्द्रीय मंत्रियों तथा राज्य सरकार से जुड़ी पत्रकारों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं से लेकर क्षेत्रीय विधायक एवं राज्य सरकार के मंत्रियों को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया।
पत्रकार सुरक्षा कानून क्यों नहीं बना?
बैैठक में सदस्यों ने आश्चर्य व्यक्त किया गया कि पत्रकार सुरक्षा की मांग काफी पुरानी है, आश्वासन के बाद भी पत्रकारों की सुरक्षा के लिए यह कानून नहीं बनाया जा रहा है, जबकि पत्रकार प्रताडऩा के प्रकरण निरंतर बढ़ रहे हैं। अधिमान्य पत्रकारों को मिलने वाली रेल रियायत भी समाप्त कर दी गई है, राष्ट्रीय राज्य मार्गों पर प्रदेश के अधिमान्य पत्रकारों से टोल वसूला जा रहा है, लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों को मिलने वाले विज्ञापनों में भी पक्षपात किया जा रहा है, जबकि बड़े अखबारों को काफी विज्ञापन दिए जा रहे है। पत्रकार आर्थिक संकटों से जुझ रहा है, ऐसे में पत्रकारों को मिलने वाले कमिशन पर भी जीएसटी लगा दी गई है और ऐसे ही अनेक कानूनों में लोकतंत्र के चौथे खम्बे को जकड़ दिया गया है। सदस्यों ने तो यहां तक कहा कि यदि सरकार पत्रकारों की वाजिब मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो दिल्ली और भोपाल में धरना दिया जाए। सदस्यों ने श्रृद्धा निधि योजना का सरलीकरण करने, भंग अधिमान्य समितियों का पुनर्गठन करने सहित अनेक सुझाव बैठक में दिए।