भक्त प्रहलाद सा हो तो रक्षा करने भगवान आते हैं : शास्त्री

भिण्ड, 02 फरवरी। मेहगांव क्षेत्र के डोडऱी गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में बुधवार को कथा व्यास पं. रामगोविन्द शास्त्री ने भक्त प्रहलाद के जन्म की कथा का वर्णन किया।


कथा व्यास पं. रामगोविन्द शास्त्री ने कहा कि जीवन में एक बात सदैव याद रखना, ज्ञान और कर्म कभी नहीं मरते, वह सदैव जीव का शरीर छूटने के बाद जीव के कर्मों के अनुसार जन्म होने पर स्वत: ही उसके साथ प्रकट हो जाते हैं। मनुष्य जीवन धन संचय के लिए नहीं ज्ञान और सदकर्म करने के लिए प्रभु की कृपा से मिलता है। जो मनुष्य भवगत कृपा से महापुराण भागवत की कथा सुनकर इस रहस्यमयी भेद को समझ लेता है वही श्रेष्ठ भक्त है। धर्म की स्थापना के लिए समर्पित जीवन ही मनुष्य जीवन का श्रेष्ठ फल हे, उसी को भक्त प्रहलाद कहते हैं। भागवत कथा का आयोजन परीक्षत श्रीमती रामरती देवी-स्व. छक्कीलाल करसौलिया, श्रीमती ऊषा-भगवती चरण, सुनील, भगवान, विवेक, देवू, अभय करसोलिया द्वारा कराया जा रहा है।