भागवत कथा में कृष्ण जन्म के साथ राधा प्राकट्य महोत्सव मनाया

गल्लामण्डी परिसर में भागवत कथा के चौथे दिन भक्तों की उमडी भीड

भिण्ड, 23 सितम्बर। शहर की पुरानी गल्लामण्डी में गणपति महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव में चतुर्थ दिवस पर धूमधाम से कृष्ण जन्म मनाया गया।
वृंदावन से पधारे आचार्य प्रशांत तिवारी ने भक्तों को भागवत कथा श्रवण करते हुए बताया कि सदा सुखी वही है जिसको भगवान की कृपा पर भरोसा है और उनके न्याय पर विश्वास है, उसको संसार की कोई भी स्थिति विचलित नहीं कर सकती। ईश्वर तो मेरे बिना भी ईश्वर है, परंतु मैं ईश्वर के बिना कुछ भी नहीं। राम की मर्यादा का अनुशरण किए बिना कृष्ण लीला का दर्शन करना असंभव है। श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम हैं। मर्यादा का उल्लंघन कर कृष्ण लीला का अनुशरण करना अत्यंत कठिन है। साथ ही राधा अष्टमी के अवसर पर कृष्णजी के साथ वृषभान दुलारी राधा के प्राकट्य की कथा के साथ बधाई भी गाई गई। कथा श्रवण कर भक्त भाव विभोर हो गए। कथा में कुण्डेश्वर मन्दिर के महंत विजय महाराज पधारे उनका कथा परीक्षित शकुंतला डॉ. महेशदेव मुदगल ने माल्यर्पण कर स्वागत किया। आज व्यासपीठ की आरती करने वालों में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्षद्वय संजीव कांकर, राजेन्द्र शर्मा राजे, रामनरेश दैपुरिया, सरोज जोशी, ज्योति बोहरे, आकाश पुरोहित, राजीव उपाध्याय, सुनील भदौरिया सहित अन्य भक्तगण शामिल रहे।