मानवता की शिक्षा देती है भागवत कथा : मृदुल कृष्ण जी महाराज

भिण्ड, 12 अप्रैल। पूर्व मंत्री एवं लहार विधायक डॉ. गोविन्द सिंह द्वारा लहार नगर के घर मौसी कॉलेज में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कराया जा रहा है। श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए आचार्य गोस्वामी श्री मृदुल कृष्ण जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का प्रत्येक प्रसंग हमें मानवता की शिक्षा प्रदान करता है। हमारा जीवन किस मार्ग से चले कि उसे लक्ष्य की प्रप्ति हो।
श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए आचार्य जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मानव को मानवता ही नहीं बल्कि मानवता के साथ-साथ वैष्णवता और भगवत्ता की शिक्षा देकर जीव को इनका पात्र भी बनाती है। महापुराण का प्रारंभ करते हुए उन्होंने बताया कि माहात्य के प्रारंभ में ही श्रीसूत महाराज ने शुकदेव जी की वंदना करते हुए लिखा है कि श्री शुकदेव जी ने जन्म लेते ही घर से वन की राह पकड़ ली और वन में जाकर भगवान की आराधना में लीन हो गए, ऐसी आराधना भगवान की किया की भागवत और भगवान दोनों प्राप्त हो गये । कथा कम में आठयासी हजार शौनकादि ऋषियों ने सूत जी से यही प्रार्थना किया कि आप हमें ऐसी कथा सुनाओं कि मानव के हृदय के अंधकार को दूर करने में वह करोड़ों सूर्य के समान हो, तो सूत जी ने कहा कि इतनों करोड़ों सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता क्यों, शौनकादि ऋषियों ने कहा कि हे सूत जी महाराज मानव के हृदय में इतना अंधकार है कि दुनिया में कहीं भी नहीं है। इस अंधकार को दूर करने के लिए प्रकाश की आवश्यकता है कि जिसका तेज करोड़ों सूर्य के समान हो, तो सूत जी ने कहा कि हे शौनकादि ऋषि आपका प्रश्न संसार के कल्याण के लिए है। ऋषियों आपको ऐसी कथा सुनाऊंगा जिससे कि संसार से निवृत्ति और परमात्मा में प्रवृत्ति होगी, और परमात्मा में प्रवृत्ति ही मानव जीवन का लक्ष्य है। आप सभी कथा प्रेमी भक्त सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।