शहीद दिवस से हर भारतीय को समझना चाहिए कि हमें किस तरह से आजादी मिली : पाठक

भिण्ड, 23 मार्च। शहीद दिवस के अवसर पर भारतीय जनता युवामोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अतुल रमेश पाठक ने कहा कि हर भारतीय को समझना चाहिए कि हमें किस तरह से आजादी मिली। हमारे देश की आजादी के लिए ना जाने कितने देशभक्तों ने अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिए थे। 23 मार्च को हम शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं, क्योंकि आज के दिन 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने फांसी के फंदे को चूम कर अपने प्राण मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए न्योछावर कर दिए थे।
अतुल पाठक ने यह भी कहा कि इन महान क्रांतिकारियों को 24 मार्च 1931 को फांसी दी जानी थी, लेकिन उन्हें 11 घण्टे पहले ही 23 मार्च 1931 को शाम 7:30 फांसी पर चढ़ा दिया गया। फांसी के समय भी यह महान क्रांतिकारी मुस्कुरा रहे थे और ब्रिटिश सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए फांसी के फंदे को चुमा था। ऐसी महान शख्सियतों को हम नमन करते हैं और हम भारतीयों को इन शख्सियतों की जीवनी से कुछ ना कुछ सीखना चाहिए।