शिव महापुराण कथा के षष्ठम दिवस गोहद दुर्ग में गूंजे कार्तिकेय जन्म के प्रसंग

भिण्ड, 29 अगस्त। प्राचीन भीमाशंकर महादेव मन्दिर परिसर में चल रही शिव महापुराण कथा का षष्ठम दिवस भक्ति, श्रद्धा और आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ। आज परीक्षत के रूप में मालती पत्नी स्व. रामेश्वर बाजपेई, रविरमन बाजपेई परिवार सहित तथा मुन्नीदेवी पत्नी स्व. रामस्वरूप नागर, राजेश नागर परिवार सहित शामिल रहे।

परीक्षत परिवार ने सर्वप्रथम मन्दिर में शिव अभिषेक कर पीठों व व्यास पीठ की विधिवत पूजा-अर्चना व आरती की। इसके पश्चात महामण्डलेश्वर 1008 रामभूषण दास महाराज ने कथा श्रवण कराते हुए भगवान शिव-पार्वती के पुत्र कार्तिकेय जन्म की दिव्य कथा सुनाई। कथा में कार्तिकेय के जन्म, उनकी दिव्य लीलाओं और तारकासुर वध के प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि जब-जब अधर्म बढता है, तब-तब भगवान अपने स्वरूप में प्रकट होकर धर्म की स्थापना करते हैं। कथा श्रवण करते हुए भक्तगण भाव-विभोर हो उठे। पूरे मन्दिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड उमडी और वातावरण हर-हर महादेव एवं जय कार्तिकेय के गगनभेदी जयकारों से गूंजता रहा। कथा के पश्चात प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया।