– न्यायालय ने 25 हजार का अर्थदण्ड भी लागया
ग्वालियर, 29 अगस्त। अनन्यत: विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम), एकादशम जिला एवं अपर सत्र/ विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) जिला ग्वालियर तरूण सिंह की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी रामेश्वर आदिवासी निवासी ग्राम रामगढ थाना जतारा जिला टीकमगढ मप्र को सत्र प्रकरण क्र.201/2024 धारा 332(ख) बीएनएस एवं 3/4(2) लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, सहपठित धारा 18 में 7 वर्ष एवं 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपए अर्थदण्ड से दण्डित कर अर्थदण्ड की संपूर्ण राशि क्षतिपूर्ति स्वरूप पीडिता को प्रदाय किऐ जाने का आदेश पारित किया है।
अभियोजन की और से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक हरिओम वर्मा ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि अभियोक्त्री के माता-पिता उसको लेकर गांव से ग्वालियर मजदूरी करने के लिए आए थे। ग्वालियर में रायरू में शराब फैक्ट्री में बने हुए गुम्मा के कच्चे कमरे में रहते थे, जिसमें चद्दर का गेट लगा था। अभियोक्त्री आयु लगभग 7 वर्ष कमरे में अकेली थी। दिन के लगभग 12 बजे अभियोक्त्री की माता को पडोस में रहने वाले राधा आदिवासी ने आकर जानकारी दी कि उसे उसकी झुग्गी में आवाज आई तो उसने उनकी झुग्गी में झांक कर देखा कि उनके गांव का रामेश्वर आदिवासी, अभियोक्त्री के पूरे कपडे उतारकर अभियोक्त्री के हाथ-पैर बांधकर अपने कपडे उतारकर अभियोक्त्री के उपर चढ हुआ था जो राधा को देखकर वहां से भाग गया। अभियोक्त्री की माता ने उक्त घटना की जानकारी अपने पति को दी और वापस कनरे पर आए और अभियोक्त्री से पूछा कि क्या हुआ तो अभियोक्त्री रोने लगी और उन्हें घटना की जानकारी दी कि उनके गांव का रामेश्वर आदिवासी उनकी झुग्गी में आया था और उसके कपडे उतारकर और फिर अपने कपडे उत्तारकर अभियोक्त्री के हाथ-पैर बांधकर उसके उपर चढ गया था। उसके चिल्लाने पर पास में खेल रहे बच्चे और राधा आदिवासी मौके पर आ गए थे जिन्हें देखकर रामेश्वर वहां से भाग गया था। अभियुक्त ने जाते समय धमकी भी दी थी कि यदि किसी को कुछ बताया तो तुम्हें जान से खत्म कर देंगे। अभियोक्त्री के माता-पिता अभियोक्त्री के साथ अपने गांव वापस आ गए थे और गांव के सरपंच को घटना की जानकारी दी तब सरपंच ने कहा कि उक्त घटना की थाने में शिकायत लेख कराई। अभियोक्त्री की माता ने उक्त घटना की एफआईआर थाना जतारा, जिला टीकमगढ में लेख कराई जो अपराध क्र.01/2024 अंतर्गत धारा-5/6 पॉक्सो अधिनियम, धारा 332 (बी), 351(3), 65(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 के अधीन रामेश्वर आदिवासी के विरुद्ध पंजीबद्ध की गई।
न्यायालय में समस्त अभियोजन साक्षीगणों के कथनों में आई अभिसाक्ष्य एवं अभियोजन द्वार किए गए विधिक तकों के आधार पर आसपी रामेश्वर आदिवासी के विरुद्ध आरोपित्त अपराध को प्रमाणित पाते हुए न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किए जाने की सजा सुनाई एवं अर्थदण्ड की संपूर्ण राशि क्षतिपूर्ति स्वरूप पीडिता को प्रदाय किए जाने का आदेश पारित किया गया। न्यायालय ने अभियोजन के तथ्यों से सहमत होकर आरोपी को दोपसिद्ध किया गया एवं पीडिता को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने का आदेश पारित किया है।