सीरियल किलर आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास

सागर, 29 अगस्त। अपर-सत्र/ विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) जिला सागर प्रशांत सक्सेना की अदालत नेे सागर में हत्या के मामले में सीरियल किलर आरोपी शिवप्रसाद उर्फ हल्कू धुर्वे को धारा 302 भादंवि के तहत आजीवन सश्रम कारावास एवं पांच हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक सौरभ डिम्हा ने की।
जिला अभियोजन सागर के मीडिया प्रभारी सौरभ डिम्हा ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि 31 अगस्त 2022 को रात्रि एक बजे सिर में चोट लगने से आहत मंगल को उसका भतीजा सचिन जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, आहत के माथे पर फटा हुआ तथा घाव था, ड्यूटी डॉक्टर ने घटना की सूचना थाना प्रभारी गोपालगंज को दी। आहत गंभीर अवस्था में होने से उसे बीएमसी सागर रिफर किया गया, बीएमसी सागर में उपनिरीक्षक एनएस ठाकुर ने आहत मंगल अहिरवार के बताने पर धारा 307 भादंवि की देहाती नालिसी लेख की, जिसमे उसने बताया कि वह संत रविदास वार्ड में रहता है, ग्राम रतौना में भारत पेट्रोल पंप के सामने मकान बनाने में मिस्त्रीगिरी का काम करता है, रात करीब 9 बजे वह खाना खाकर अकेला सो रहा था, किसी अज्ञात व्यक्ति उसे सोते समय जान से मारने की नियत से फावडे से सिर में बांई तरफ और सामने माथे में प्राणघातक चोट पहुंचाई, वह चिल्लाया तो वह व्यक्ति फावडा लेकर भाग गया। फिर वह भारत पेट्रोल पंप पर गया, वहां काम करने वाले लोगों को घटना बताई, 108 ऐबुलेंस से उपचार के लिए तिली अस्पताल आया। घटना स्थल थाना मोतीनगर क्षेत्र होने से मोतीनगर थाने में अज्ञात हमलावर के विरुद्ध देहाती नालिसी के आधार पर धारा 307 की प्राथमिकी दर्ज की गई। विवचेना के दौरान एफएसएल की टीम, फिंगर प्रिंट की टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया, घटना स्थल का नक्षा तैयार किया गया। अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ सेवालाल चौधरी ने घटना स्थल का निरीक्षण कर संभावित चिन्ह लेकर पंचनामा तैयार किया। विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेखबद्ध किए गए, आहत मंगल की हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिस पर से प्रकरण में 302 भादंवि का इजाफा किया गया। विवचेना के दौरान आरोपी शिवप्रसाद को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसके आधार पर घटना स्थल से घटना से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए गए, जब्तशुदा समस्त सामग्री को परीक्षण हेतु एफएसएल सागर भेजा गया। थाना मोतीनगर में धारा 302 भादंसं के अंतर्गत आरोपी के विरुद्ध विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। जहां अभियोजन ने मामले में 29 अभियोजन साक्षियों को परीक्षित कराया एवं दस्तावेजों को प्रदर्शित एवं विचारण के दौरान जब्तशुदा सामग्री को भी आर्टिकल कराया व तर्क प्रस्तुत किए। अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया एवं दण्ड के प्रश्न पर आरोपी को मृत्युदण्ड से दण्डित करने के लिए तर्क प्रस्तुत किए। विचारण उपरांत न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उपर्युक्त सजा से दण्डित किया है।