फैक्ट्री की गतिविधियों को चुनौती देते हुए छात्रों ने एनजीटी के समक्ष आवेदन दायर किया

सीहोर, 07 फरवरी। जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल सोनीपत के छात्र उज्ज्वल शर्मा और प्रिया कटारे के नेतृत्व में कानून के छात्रों का एक समूह मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में गरीब किसानों की सहायता के लिए स्वेच्छा से काम कर रहा हैं। ग्राम पिपलिया मीरा में जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट फैक्ट्री की गतिविधियों को चुनौती देते हुए छात्रों ने एनजीटी के समक्ष एक आवेदन दायर किया है। इस मामले की पैरवी एडवोकेट आयुष देव बाजपेयी करेंगे।
फैक्ट्री से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट जल को सीवन नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी में अत्यधिक जल प्रदूषण हो रहा है। प्रदूषित जल से संक्रमित होकर पशुओं की मृत्यु हो रही है तथा कृषि भूमि बंजर होती जा रही है जो किसानों के लिय भारी परेशानी का कारण बन रहा है। पिछले दो वर्षों से कई अवसरों पर किसानों ने प्रशासन को दूषित रसायनों के निर्गमन के संबंध में शिकायत की है, लेकिन इस मुद्दे को हल करने के लिए प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इस पनीर फैक्ट्री से प्रतिदिन लगभग 10 हजार लीटर अपशिष्ट जल का निर्गमन होता है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। सीवान नदी में मौजूद जलीय जीवों के मरने का यह एक प्रमुख कारण है। सीवान नदी का पानी भूमिगत जल, कुओं और नलकूपों को रिचार्ज करने का एक स्त्रोत है। फैक्ट्री से होने वाले प्रदूषण ने कुओं और नलकूपों के पानी को भी जहरीला बना दिया है। एमपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जनवरी में तत्काल प्रभाव से कारखाने में उत्पादन बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन इस आदेश को लागू करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। निवासियों की मदद करने और पर्यावरण को बचाने के लिए, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के उज्ज्वल शर्मा और प्रिया कटारे के नेतृत्व में कानून के छात्रों ने एनजीटी के समक्ष आवेदन दायर करने का फैसला किया।