ग्वालियर, 12 अगस्त। यह एक अनूठा और सुखद संयोग है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व रक्षाबंधन तथा राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस की धूम सारे देश में कोने-कोने में एक साथ दिखाई और सुनाई दे रही है। एक और लोक में सभी लोग सांस्कृतिक सामाजिक रिश्तों को मजबूत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संपूर्ण देशवासियों में राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य बोध का उल्लास और उमंग के वातावरण में निर्वहन देखने को मिल रहा है। शिक्षा वह कारक है जो इन दोनों पक्षों को और अधिक समझ तथा मजबूत रिश्ते के साथ मनाने के लिए हमें प्रेरित करता है। इसी दृष्टि को ध्यान में रखते हुए आज निम्न आय वर्ग एवं झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के लिए शिक्षा के जो प्रयास हो रहे हैं उसी क्रम में विवेकानंद नीदम में भी बच्चों के बीच भारतीय तिरंगा, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन तथा रक्षाबंधन के परिप्रेक्ष्य में विविध प्रश्न पूछे गए। सभी बच्चों को दो भागों में बांट कर लड़के एवं लड़कियों के बीच दो ग्रुप बनाकर इस प्रतियोगिता का आगाज किया गया। प्राकृतिक परिवेश के बीच यह प्रतियोगिता संपन्न हुई। इसी प्रकार अन्य पाठशाला में भी विगत एक पखवाड़े से बच्चों को भारत सरकार द्वारा राष्ट्र प्रेम की भावना को नई गति और शक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में में हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है।
पाठशाला के संरक्षक एवं पूर्व व्याख्याता डाइट ओपी दीक्षित ने अपने व्याख्यान एवं मुख्य अतिथियों की उपस्थिति में हमारे राष्ट्र के प्रति एक नागरिक एवं छात्रों के क्या कर्तव्य हैं तथा राष्ट्र के विकास में शिक्षा की क्या भूमिका है, इन विषयों पर लगातार प्रतिदिन विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं एवं बुद्धिजीवियों द्वारा अपने विचार व्यक्त किए जा रहे हैं कार्यक्रम का समापन 15 अगस्त को प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर संपन्न किया जाएगा।
दीक्षित ने अपने उद्बोधन में बताया कि सांस्कृतिक संवर्धन की दृष्टि के साथ ही भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दृष्टि से इस तरह के आयोजन मील के पत्थर होते हैं। आयोजकों, मीडिया के बंधुओं तथा समाजसेवियों का प्रत्यक्ष एवं परोक्ष में सभी का साधुवाद। रक्षा सूत्र केवल बहन की रक्षा के लिए नहीं इसका व्यापक दृष्टिकोण प्रकृति का संरक्षण, समाज का संरक्षण तभी यह रक्षा का भाव अधिक प्रभावी होगा। पुन: बच्चों और सभी आयोजकों के लिए पाठशाला समूह कृतज्ञता ज्ञापित करता है। कार्यक्रम में समाजसेवियों एवं शिक्षकों के अतिरिक्त पाठशाला के संयोजक मनोज पांडे, मोहनलाल, योगेश बिसारिया एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।