त्याग से अनसुइया ने भगवान को पालने में झुलाया : साध्वी सपना

कनेरा में तलिया वाले हनुमान मन्दिर चल रही है श्रीराम कथा

भिण्ड, 28 दिसम्बर। जो व्यक्ति जीवन ने त्याग करता है उसे त्याग का फल जरूर मिलता है, त्याग के बल पर अनसुइया ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनो देवों को पालने में झुलाया था। यह बात कनेरा के तलिया वाले हनुमान मन्दिर पर आयोजित तीन दिवसीय राम कथा के तीसरे दिन कथा वाचक साध्वी सपना उपाध्याय ने कही।
साध्वी सपना उपाध्याय ने त्याग का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में बहुत त्याग किया और वो मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। भगवान राम ने पिताजी के कहने पर राजपाट को छोड़ धर्म की रक्षा के लिए वनगमन किया एवं हमेशा धर्म को ऊपर रखा। उन्होंने उपस्थित लोगों से आव्हान करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा करने वालों को सत्य के मार्ग पर चलना पड़ता है और सत्य पर चलने वालों को त्याग करना पड़ता है लेकिन त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाता त्याग करने वालों को और धर्म पर चलने वालों का अनुसरण दुनिया करती है।
साध्वी ने कहा कि जिस घर के संस्कार बड़ों में जैसे होते हैं, छोटों में अपने आप आ जाते हैं, इसका उदाहरण भरत से समझा जा सकता है जब राम ने पिता के कहने पर राजगद्दी का त्याग किया तो भरत ने अपने बड़े भाई राम के लिए त्याग किया और उनकी खड़ाऊं राजगद्दी पर रखकर 14 वर्ष का समय व्यतीत कर दिया, इसलिए अपने बच्चों को संस्कारवान बनाएं।