पथ प्रदर्शक विकास के पुरोधा थे पं. दाताराम भारद्वाज शास्त्री

अष्टम पुण्यतिथि पर श्रृद्धांजली समारोह एवं प्रतिभा सम्मान आज
प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देकर किया जाएगा सम्मानित

भिण्ड, 06 अगस्त। जिले की मेहगांव तहसील के ग्राम चिरोल में सन् 1940 को एक ऐसी देवशक्ति का अवतरण हुआ, जिसने आगे चलकर भिण्ड के साथ-साथ संपूर्ण अंचल को जीवन के वास्तविक पथ का ज्ञान देकर क्षेत्र के विकास को नई गति देने में अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। पं. दाताराम भारद्वाज शास्त्री का संपूर्ण जीवन समाज के उत्थान हेतु समर्पित रहा। उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष पद पर रहकर हिन्दू समाज को मजबूत करने में अपनी सराहनीय भूमिका अदा की। साथ ही जीवन दर्शन एवं आधात्म की रक्षा संवद्र्धन एवं उसके प्रचार-प्रसार हेतु संपूर्ण अंचल में लोगों को जागृत किया।
श्री शास्त्री ने समाज के सभी वर्गों को सुदृढ़ करने पर बल दिया। लोगों में धर्म एवं भारतीय संस्कृति के प्रति अगाध श्रृद्धा भक्ति, गौरव एवं निष्ठा की भावना उत्पन्न की। इन्होंने क्षेत्र में फैली कुरीतियों एवं अंधकार से लडऩे हेतु जीवन के नैतिक एवं आध्यात्मिक मुल्यों के विस्तार हेतु कई रचनात्मक आंदोलन चलाए। उस वक्त क्षेत्र में फैली छुआ छूत जैसी कुरीतियों की भावना को समाप्त कर समाज में समरसता लाने का कार्य किया। क्षेत्र के मनीषी के रूप में लोगों की अंतर चेतना को जागृत करने का कार्य करते रहे एवं साथ ही गौ सेवा करने एवं गौ हत्या को रोकने हेतु प्रयास करते रहे। श्री दाताराम शास्त्री की राम मन्दिर निर्माण आंदोलन में अग्रणी भूमिका रही। क्षेत्र के