गीतानंद महाराज की मांग पर भगवद् गीता नाम से कोर्स शुरू

-इग्नू ने एमए के छात्रों के लिए इसी साल से की शुरुआत

भिण्ड, 31 जुलाई। गीता को कण्ठस्थ रखने वाले प्रख्यात संत गीतानंद महाराज की मांग के आधार पर इग्नू ने एमए भगवदगीता नाम से कोर्स शुरू कर दिया है। यह कोर्स इसी सत्र से आरंभ हो गया है। पाठ्यक्रम के तहत दो साल में छात्र गीता के 18 अध्याय एवं 700 श्लोकों का अध्ययन कर सकेंगे। हालांकि इग्नू ने अन्य नए कोर्स भी इसी सत्र से शुरू किए हैं लेकिन गीतानंद महाराज की मांग पर भगवद् गीता नाम से कोर्स एमए के छात्रों के लिए शुरू किया है।
यहां बता दें कि गीतानंद महाराज को भगवत गीता पूरी तरह कण्ठस्थ याद है। वे गीता के श्लोकों का धारावाहिक रूप से मौखिक वाचन करते हैं। कई मंत्री, सांसद, विधायक गीतानंद महाराज के अनयाई है। वे पिछले 20 वर्षों से शिक्षा में भगवदगीता को शामिल करने की मांग करते आ रहे हैं। साल 2011 में विधायक गौतम टेटवाल जो अभी भाजपा सरकार में मंत्री हैं, इन्होंने भी विधानसभा में यह प्रस्ताव रखा था और इस विधेयक को पारित करवाया था, लेकिन सरकार ने इसे लागू नहीं किया तो गीतानंद महाराज ने राज्य एवं केन्द्र सरकार को कई बार चेतावनी भी दी थी। आखिर गीतानंद महाराज की मांग को इग्नू ने स्वीकार करते हुए भगवद् गीता नाम से कोर्स एमए के छात्रों के लिए शुरू कर दिया है।