भोपाल, 30 अगस्त| विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी भोपाल राजर्षि श्रीवास्तव के न्यायालय ने मूक-बधिर बच्चियों के साथ गलत काम करने वाले हॉस्टल संचालक को आरोपी अश्विनी कुमार शर्मा को धारा 376(2)आई भादवि में 15 वर्ष, धारा 3(2) (अ) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास, धारा 323 में 6 माह एवं सात हजार रुपए अर्थदण्ड एवं अर्थदण्ड जमा न करने की दशा में 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया है। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक टीपी गौतम एवं डीपीओ राजेन्द्र कुमार उपाध्याय डीपीओ भोपाल ने की|
जनसम्पर्क अधिकारी/ एडीपीओ मनोज त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता यू श्रवण बाधित होकर अनुसूचित जनजाति की बालिका है, जो वर्ष 2016 से सामाजिक न्याय विभाग सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित श्रवण बाधितार्थ उमावि पालनबासा उज्जैन से 11वी की परीक्षा उत्तीर्ण कर अग्रिम शिक्षा हेतु अधीक्षिका श्रीमती संध्या शर्मा द्वारा सामाजिक न्याय विभाग भोपाल के स्थानीय पदाधिकारियों की मदद शासकीय गैस राहत एवं पुनर्वास और प्रशिक्षण संस्थान गोविंदपुरा भोपाल में प्रवेश दिलाया गया तथा आईटीआई संस्था व सामाजिक न्याय विभाग भोपाल की व्यवस्था के अनुरूप प्रकरण के आरोपी अश्विनी कुमार शर्मा द्वारा संचालित कृतार्थ बॉयज हॉस्टल में रखवाया गया। आरोपी ने वर्ष 2016 में क्रिस्टल आइडियलसिटी अवधपुरी भोपाल के मकान न. 206 को किराये पर लेकर कोपा विषय की श्रवण बाधित छात्राएं रूप में उपयोग कर रखा तथा कोपा कोर्स समाप्ति माह जुलाई 2017 के पश्चात आरोपी ने पीड़िता यू व अन्य तीन साक्षीगण एल, बी, पी. को खाना बनाने व घरेलू कार्य करने के लिए मकान नं.172 क्रिस्टल आईडियलसिटी में अवैध आवासीय छात्रावास के रूप में उपयोग कर रखा, प्रकरण की पीड़िता यू एवं अन्य श्रवण बाधित बच्चियों एल, बी, पी. को साथ रहने के दौरान उक्त छात्राओं के साथ सोता था व उन्हे स्वयं के मोबाइल फोन द्वारा पृथक-पृथक उत्तेजक फोटोग्राफ दिखाता तथा पीडिता यू व अन्य श्रवण बाधित बच्चियो के प्राईवेट पार्ट को छूता था। प्रकरण की पीडिता यू को अक्टूबर 2017 में अपने मोबाइल पर गंदे फोटी दिखाए तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दिया तथा पीडिता के मोबाइल पर अश्लील फोटो भी दिखाए जिससे उसे आत्मग्लानी पहुंची। पीड़िता ने आरोपी के कृत्य से परेशान होकर जब अपने घर जाने की इच्छा जाहिर की तो आरोपी उसे घर जाने भी नहीं दिया। यू एवं अन्य बालिकाओं का स्वयं अभिभावक बनकर उनका महिला आईटीआई संस्था में सिलाई विषय में प्रवेश दिलाया तथा 68 दिवसीय सिलाई का कोर्स करवाया| इस अवधि में आरोपी द्वारा स्वयं संचालित किए जा रहे आवासीय हॉस्टल मकान नं. 172 क्रिस्टल आईडियल सिटी अवधपुरी में अवैध रूप से रखा और हॉस्टल का साफ-सफाई, खाना बनवाने आदि का कार्य जबरन करवाया। अश्विनी कुमार शर्मा द्वारा संचालित आवासीय हॉस्टल मकान नं.172 क्रिस्टल आईडियल कॉलोनी अवधपुरी में 28 फरवरी 2018 को जब पीड़िता यू हॉस्टल में अकेली थी तब बाथरूम से बाहर आने पर उसके प्राईवेट पार्ट को छुआ और जबरदस्ती पकडकर ऊपर के कमरे में ले जाकर एक बार अप्राकृतिक व एक बार गलत कृत्य किया, तथा पीड़िता यू का वीडिओ बनाकर प्रसारित किया जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची। पीडिता यू एक मार्च 2018 को हॉस्टल छोड़कर अपने घर वापिस चली गई। पीड़िता के साथ रहने वाली अन्य दिव्यांगजन लड़कियों ने उनके साथ अभियुक्त द्वारा होस्टल में छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म करने की शिकायत पर मामला दर्ज होने पर इससे संबंधित खबर टीवी पर देखने व समाचार पत्र में पढ़ने के बाद पीड़िता को सूचित कर भाई द्वारा पूछा गया कि उसके साथ कोई घटना घटित तो नहीं हुई, तब पीड़िता ने भाई को इशारे से बताया कि उसे मोनिका पुरोहित के पास ले चलें। फिर 11 अगस्त 2018 को श्रवण बाधित पीडिता यू अपने भाई के साथ इंदौर जाकर मोनिका पुरोहित से मिली। पीड़िता यू ने इशारों और संकेतो में मोनिका पुरोहित को अश्विनी कुमार शर्मा द्वारा संचालित आवासीय हॉस्टल मकाम नं. 172 में क्रिस्टल आईडियल सिटी अवधपुरी में अभियुक्त अश्विनी कुमार शर्मा ने उसके साथ किए गए गलत कृत्य के बारे में बताया। फिर पीड़िता यू ने भाई एवं मोनिका पुरोहित के साथ थाना हीरानगर इंदौर में उपस्थित होकर आरोपी के विरुद्ध एआईआर दर्ज कराई। मोनिका पुरोहित ने पीड़िता के संकेतों का अनुवाद कर बताया जिस पर से उनि खुशबू परमार थाना हीरानगर इंदौर द्वारा आरोपी अश्विनी कुमार शर्मा के विरुद्ध शून्य पर अपराध धारा 377, 376, 376(2)(स), 354, 354(ए), 292, 506, भादंवि व धारा 3(2)(अ) एससी/ एसटी एक्ट का पंजीबद्ध किया गया। घटना स्थल थाना अवधपुरी भोपाल का होने से असल अपराध पंजीयन एवं विवेचना हेतु प्राप्त होने पर 12 अगस्त 2018 को थाना अवधपुरी मे असल पर अपराध क्र.157/18 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।