मालनपुर में धुआं और बदबू से राह निकलना मुश्किल

भिण्ड, 02 अगस्त। औद्योगिक क्षेत्र मानलपुर को स्थापित करने वाली संस्था आईआईडीसी के नियमों के विरुद्ध उद्योग प्रबंधकों पर नहीं कसा जा रहा है शिकंजा। जो अपनी फैक्ट्री परिसर से निकले वाली सड़ी गली बदबूदार गंदगी को सारेआम आम रास्ता में जनता जनार्दन के आगे डाला जा रहा है। रास्ते में जो बीमारी के संक्रमण को न्यौता दे सकती है, परंतु इस असय कहानी इससे एक पहेली बन कर रह गई है, जो फैक्ट्री प्रबंधक अपनी गंदगी परिसर से हटाकर ठेकेदारों को ऊंची रकाम देकर गंदग बाहर करने के लिए मगर ट्रैक्टर चालकों से यह नहीं पूछा जाता है कि गंदगी कहां पर डाल कर आए हो, जबकि ठेकेदारों द्वारा सरेआम रास्ते के किनारे यह बीमारी का साधन जनता के बीचो-बीच परोसा जा रहा है। जो यहां से सैकड़ों गरीब मजदूर और आम राहगीर निकलते हैं, परंतु प्रदूषण विभाग इस ओर कतई ध्यान दे नहीं रहा है।

सवाल यह उठता है कि उद्योग क्षेत्र में कारखानों से निकले वाली गंदगी का जिम्मेदार कौन है। इस नगर परिषद में एक कर्मचारी ने नाम न छापने में बताया है कि यह उद्योग क्षेत्र में संचालित उद्योगों से निकलने वाला कचरा है जो बंद पड़ी सीपीटी हॉटलाइन की पीछे रोड पर डला हुआ और आग के हवाले कर चले जाते हैं, जिससे धुआं और बदबू से राह निकलना मुश्किल हो रहा है। उद्योग क्षेत्र में संचालित प्लास्टिक कंपनी से निकलता है, उसे ठेकेदारों द्वारा लगे ट्रैक्टरों और जेसीबी से रोड के किनारे डालकर चले जाते हैं। नियमों के अनुसार फैक्ट्री से निकलने वाला दूषित कचरा बाहर नहीं फेंक सकते, फैक्ट्री परिसर में इसे नष्ट किया जाना चाहिए। परंतु प्रदूषण विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इसी वजह से दूषित गंदगी से बीमारी फैलाने के लिए खुली चुनौती दे रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए मालनपुर क्षेत्र के समस्त मजदूरों ने नाम नहीं छपने पर मांग की है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो हरिराम पुरा और लहचूरा पुरा वासी के लोगों का कहना है कि आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

इनका कहना है-

इस फैली हुई गंदगी से लोगों में संक्रमण बीमारी के शिकार हो रहे हैं। जुकाम, खांसी, सुहास, अस्थमा जैसी बीमारी फैल रही हैं, इस पर रोक लगाई जाए।
रामवीर जाटव, निवासी हरिरामपुरा