मतदान करने के लिए 24 दस्तावेजों में से एक पहचान पत्र अनिवार्य

भिण्ड, 24 जून। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जिले में त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन 25 जून, एक और आठ जुलाई होना है। इन तिथियों में मतदान करने के लिए मतदाता के पास 24 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज पहचान के तौर पर मतदान केन्द्र पर लाना अनिवार्य रहेगा। पहचान पत्र होने पर ही मत देने का अधिकार मिलेगा।
जानकारी के अनुसार 24 दस्तावेजों में से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदाय किया गया मतदाता पहचान पत्र, भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका, पीला राशन कार्ड, नीला राशन कार्ड, राशन कार्ड, बैंक, किसान, डाकघर की पासबुक, शस्त्र लायसेंस, संपत्ति दस्तावेज जैसे- पट्टा, रजिस्ट्ररी, ब्लेख आदि, विकलांगता का प्रमाणपत्र, निराश्रित प्रमाणपत्र, तेदूपत्ता संग्राहक पहचान पत्र, सहकारी समिति का अंश प्रमाणपत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट साइज, ड्राईविंग लाईसेंस, आयकर पहचान पत्र (पीएएन कार्ड), राज्य, केन्द्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्यौगिक घरानों द्वारा उनके कर्मचारियों को जारी किए जाने वाले सेवा पहचान पत्र, छात्र पहचान पत्र, सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी अजा, अजजा, अन्य पिछड़ा वर्ग, अधिवासी प्रमाणपत्र, पेंशन दस्तावेज जैसे कि भूतपूर्व सैनिक पेंशन बुक, पेंशन अदायगी आदेश, रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत 30 नवंबर 2009 की स्थिति में जारी फोटोयुक्त जॉबकार्ड को मतदाता की पहचान के लिए मान्य किया है। इसी तरह आयोग द्वारा निर्णय लिया गया है कि मतदाताओं की पहचान के लिए भारत सरकार द्वारा फोटोयुक्त आधार कार्ड, भूतपूर्व सैनिक विधवा, आश्रित प्रमाणपत्र, रेलवे पहचान पत्र और स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र मतदान के दौरान उपलब्ध होना चाहिए। इसके अलावा पीठासीन अधिकारी ऐसा कोई अन्य अभिलेख भी स्वीकार कर सकेगा, जिससे वह मतदाता की पहचान के संबंध में संतुष्ट हो सके। यदि कोई मतदाता दस्तावेज प्रस्तुत करने पर असफल रहता है तो पीठासीन अधिकारी स्थानीय कोटवार, पटवारी, शिक्षक, ग्राम पटेल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका इत्यादि कर्मियों या किसी प्रतिष्ठित स्थानीय निवासी से उसकी पहचान स्थापित करने के उपरांत उसे मतपत्र प्रदान कर सकेगा।