प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को दिया प्रशिक्षण

भिण्ड, 20 मई। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर दे रही है, जिसके तहत शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में प्राकृतिक खेती को किस प्रकार से बढ़ावा मिले। इस संबंध में कृषि विभाग एवं गुजरात से आए कानू भाई भट्ट द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, उप संचालक कृषि शिवराज यादव, उप संचालक पशुपालन नवल सिंह सिकरवार, सहायक संचालक कृषि रामसुजान शर्मा, सहायक संचालक उद्यानिकि गंभीर सिंह तोमर, कृषि वैज्ञनिक सुनील साक्या, प्रोग्रेस फार्मर और खण्ड स्तर के सभी कृषि और उद्यानिकी विभाग के कर्मचारीगण उपस्तिथ रहे।
कानू भाई भट्ट ने बताया कि सभी को प्राकृतिक खेती की उपयोगिता एवं उसको करने के लिए निम्न सामग्रियों की आवश्यकता होती है, जैसे कि प्राकृतिक खेती में जीवामृत (जीव अमृत), घन जीवामृत एवं बीजामृत का उपयोग पौधों को पोषक तत्व दिए जाने के लिए किया जाता है। इनका उपयोग फसलों पर घोल के छिड़काव अथवा सिंचाई के पानी के साथ में किया जाता है। प्राकृतिक कृषि में कीटनाशकों के रूप में नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्निअस्त्र, सोठास्त्र, दषा पडऩी, नीम पेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है। मप्र में प्राकृतिक खेती का रकवा बढ़े जिस पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा जिले में भी किसानों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए एप बनाया गया है। कृषक प्राकृतिक खेती करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन कराएं, पंजीयन का कार्य आज से प्रारंभ हो गया है।
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