– आलमपुर के सरकारी अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहा उचित उपचार
भिण्ड, 29 अगस्त। प्रदेश सरकार जहां सरकारी अस्पतालों में विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराकर लोगों को सरकारी अस्पताल में उपचार कराने के लिए प्रेरित कर रही है। वहीं आलमपुर के सरकारी अस्पताल में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल रहा है। इस कारण मरीजों को अन्य जगह के सरकारी एवं निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड रहा है।
आलमपुर के सरकारी अस्पताल में पहले से ही कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का अभाव है। लेकिन नगर के सरकारी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी कुलदीप यादव को लहार अस्पताल में मरीजों का उपचार करने का प्रभार दे दिया गया है। जिसकी बजह से वह आलमपुर के सरकारी अस्पताल में नियमित रूप से सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। आलमपुर के सरकारी अस्पताल में मेडीकल आफीसर के स्थाई रूप से नहीं बैठ पाने के कारण मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप आलमपुर सहित ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को अन्य सरकारी एवं निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए जाना पड रहा है। बीते शुक्रवार का ही मामला है। नगर में सुनीता देवी परिहार नामक एक महिला को करेंट लग गया था। परिजन उसको इलाज के लिए नगर के सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंचे तो अस्पताल में डॉक्टर के नहीं होने पर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने प्राथमिक उपचार करने के पश्चात उक्त महिला को लहार रिफर कर दिया। कुल मिलाकर सरकारी अस्पताल की हालत बहुत खराब है। इस कारण आलमपुर व ग्रामीण क्षेत्र की जनता को सरकारी अस्पताल से ठीक तरह से लाभ नहीं मिल रहा है।
कर्मचारियों की कमी और कई सुविधाओं का अभाव
नगर के सरकारी अस्पताल में एक्सरे मशीन सहित अन्य कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी नहीं है। इसलिए घटना दुर्घटना में घायल एवं अधिक बीमारी से ग्रस्त मरीजों की जांच भी नहीं हो पाती है। अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर एवं स्वास्थ कर्मचारी मरीजों का प्राथमिक उपचार करने के पश्चात भिण्ड, ग्वालियर, दतिया, लहार अस्पताल के लिए रिफर कर देते है। इसके अलावा सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक के नहीं होने के कारण महिला मरीजों को भी ठीक तरह से उपचार नहीं मिल रहा हैं। नगर के सरकारी अस्पताल से कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके स्थान पर अभी तक नवीन कर्मचारियों की पदस्थापनाएं नहीं की गई है।
निरीक्षण के बाद भी व्यवस्था में नहीं हुआ सुधार
कुछ दिनों पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आलमपुर पहुंचकर सरकारी अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया था। इसके बावजूद नगर के सरकारी अस्पताल में व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है। नगर के सरकारी अस्पताल में पदस्थ मेडीकल आफीसर के नियमित रूप से नहीं बैठने की समस्या पहले भी थी और आज भी मौजूद है। बरसात के दिनों में मौसमी बीमारियां शुरू हो जाती है। आजकल नगर सहित ग्रामीण इलाके में अधिकांश लोग बुखार सहित अन्य बीमारियों से पीडित है। इसलिए नगर के सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या निरंतर बढ रही है। लेकिन सरकारी अस्पताल में मेडीकल आफीसर के स्थाई रूप से नहीं बैठ पाने के कारण मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।