रेलवे स्टेशन पर 6 माह में तीसरा हादसा
ग्वालियर, 17 फरवरी। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक गंभीर हादसा हुआ, जिसमें 77 वर्षीय बुजुर्ग यात्री सीढियों से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। रिटायर्ड शिक्षक रामबाबू सिंह के पैर की हड्डी टूट गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घायल रामबाबू सिंह ने बताया कि वे रविवार सुबह कोटा से ग्वालियर पहुंचे थे। स्टेशन से बाहर निकलने के लिए उन्होंने फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) की ऊंचाई देखी, तो चढने की हिम्मत नहीं हुई। जब पता चला कि रेलवे ने एसकेलेटर और लिफ्ट बंद कर रखी हैं, तो मजबूरी में एफओबी ही एकमात्र विकल्प था। बडी मुश्किल से सीढियां चढीं, लेकिन उतरते समय भीषण हादसा हो गया। एफओबी एवं सीढियां संकरी होने के कारण किसी यात्री के धक्के से वे फिसलकर गिर पडे। चोट इतनी गंभीर थी कि खुद उठना भी मुश्किल हो गया। परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उनके पैर की हड्डी टूट गई है और ऑपरेशन करना पडेगा। रामबाबू सिंह ने कहा कि अब इस उम्र में टूटा पैर लंबे समय तक बिस्तर पर रहने को मजबूर करेगा, जो बेहद कष्टदायक है।
रेल मंडल झांसी के पीआरओ का कहना है कि कुंभ की भीड को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से एसकेलेटर और लिफ्ट बंद किए गए हैं। हम यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत हैं।
यात्री की आपबीती
यात्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वे अपनी मां रामकुमारी के साथ खजुराहो एक्सप्रेस से ग्वालियर पहुंचे। उनकी मां को सांस लेने में दिक्कत होती है, लेकिन लिफ्ट बंद होने के कारण उन्हें मजबूरी में सीढियों से ले जाना पडा। रास्ते में कई बार उनकी सांस फूल गई, जिससे उन्हें बार-बार सीढियों पर बैठकर आराम करना पडा। उन्होंने कहा कि रेलवे को बुजुर्ग यात्रियों की सुविधा के लिए एसकेलेटर और लिफ्ट चालू रखना चाहिए।
स्टेशन पुनर्विकास का कार्य कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनी केपीसी इंफ्रा लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज कर रही है। न तो कंपनी और न ही रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम कर रहा है, जिससे यात्रियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड रहा है।
रेलवे की लापरवाही उजागर
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट और एसकेलेटर होने के बावजूद रेलवे प्रबंधन इन्हें भीड का तर्क देकर बंद रखता है। जबकि इन्हें यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर ही लगाया गया था। ऐसे में बुजुर्ग यात्रियों को 62 सीढियां चढकर फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) पार करना पडता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है।
पुनर्विकास कार्य में देरी, 60 प्रतिशत ही पूरा
रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन देखरेख के अभाव में अभी सिर्फ 55 से 60 प्रतिशत ही कार्य हो पाया है। रेलवे अधिकारियों ने कंस्ट्रक्शन कंपनी को अब अक्टूबर 2025 तक का समय दे दिया है।
प्लेटफार्म-4 पर अव्यवस्था, कोच डिस्प्ले में गडबडी
प्लेटफार्म-4 पर निर्माण कार्य के कारण आधे हिस्से को टीनशेड लगाकर बंद कर दिया गया है। इससे यात्री असमंजस में पड जाते हैं। रविवार को खजुराहो एक्सप्रेस के कुछ कोचों का डिस्प्ले सही से काम नहीं कर रहा था, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पडा और भगदड जैसी स्थिति बनी रही।
कुंभ की भीड के चलते बंद किए एसकेलेटर और लिफ्ट
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड की घटना के बाद, प्रयागराज कुभ की भीड को ध्यान में रखते हुए रेलवे और पुलिस प्रशासन ने स्टेशन पर चौकसी बढा दी है। रविवार शाम कुंभ स्पेशल ट्रेन रवाना हुई, जिसमें भारी भीड उमडी। जीआरपी और आरपीएफ ने रेलवे स्टेशन के अंदर भीड को नियंत्रित किया, जबकि पडाव थाना पुलिस ने स्टेशन के बाहर व्यवस्था संभाली। कुंभ स्पेशल ट्रेन में भीड इतनी ज्यादा थी कि यात्रियों को फर्श पर बैठकर या खडे होकर यात्रा करनी पडी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस की स्थिति और भी खराब रही, जहां यात्री ठसाठस भरे रहे।