छीमका के मुक्तिधाम में टीनशेड ना होने से बारिश में नहीं हो पाता अंतिम संस्कार

भिण्ड, 01 अगस्त। गोहद जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत छीमका में मुक्तिधाम में टीनशेड ना होने से बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करने में ग्राम वासियों को भारी परेशानी का सामना करना पडता है। अगर बरसात होने लगे तो वर्षा बंद होने का इंतजार करना पडता है या फिर त्रिपाल, पन्नी, बल्ली से लगाकर अंतिम संस्कार करना पडता है।
इस संबंध में स्थानीय विधायक, मंत्रियों, गोहद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई, परंतु इस मुक्तिधाम में कोई सुविधा नहीं है। जबकि राजस्व विभाग में इस मुक्तिधाम के नाम एक बीघा जमीन से अधिक है, परंतु जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया है, चारों तरफ झाडियां ही झाडियां खडी हैं। ग्राम पंचायत छीमका के सरपंच व सचिव की अनदेखी और कार्यप्रणाली से जनता परेशान है।
सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि इस ग्राम पंचायत छीमका में मुक्तिधाम टीन सेट बाउण्ड्रीवॉल के लिए शासन द्वारा ढाई लाख की राशि स्वीकृत हुई, जो पूर्व सरपंच द्वारा इसका निर्माण नहीं कराया गया। इसकी शिकायत जनपद पंचायत गोहद में की गई तो वह कर्मचारियों एवं जनपद पंचायत अधिकारियों, ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव की लापरवाही की भेंट चल गया। परंतु गोहद प्रशासन द्वारा ना इसकी जांच कराई गई ना ही पूर्व सरपंच पर राशि वापसी की कार्यवाही की गई। जिससे साफ जाहिर होता है कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह राशि गोलमाल की गई है। ग्राम छीमका में 29 जुलाई शनिवार को देखने को मिला कि ग्राम छीमका में पं. वृंदावन उपाध्याय की अचानक एक्सीडेंट से मृत्यु हो गई थी तो उनके अंतिम संस्कार मुक्तिधाम छीमका में किया गया, इस दौरान घने बादल छाए रहे व पानी बरस रहा था। जिससे अंतिम संस्कार को रोकना पडा। इस श्मशान घाट में बैठने तक के लिए चबूतरा नहीं है। टीनशेड न होने से खुले आसमान में झाडियों के बीच अंतिम संस्कार किया जाता है। स्थानीय निवासी परमाल सिंह तोमर ने बताया कि हम लोग मांग करते हैं कि छीमका मुक्तिधाम पर टीनशेड, चबूतरा एवं बाउण्ड्री शीघ्र बनाई जाए, अन्यथा आंदोलन के लिए मजबूर होना पडेगा।