हत्या करने वाले तीन भाईयों को आजीवन कारावास

न्यायालय ने तीनों आरोपियों पर कुल 21 हजार का जुर्माना भी लगाया

भिण्ड, 01 अगस्त। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश जिला भिण्ड मोहम्मद अनीस खान के न्यायालय ने थाना ऊमरी के प्रकरण क्र.106/17 एसटी में हत्या के मामले में आरोपी जूली उर्फ श्याम पुत्र दशरथ समाधिया उम्र करीब 29 साल निवासी ग्राम सालिगपुर थाना अटेर को धारा 302 भादंसं में दोषसिद्ध होने पर आजीवन कारावास, 27 आम्र्स एक्ट आम्र्स एक्ट में पांच हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 25(1-बी)ए आम्र्स एक्ट के अपराध में एक वर्ष के कठोर कारावास एवं एक हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 27 आम्र्स एक्ट में तीन वर्ष कठोर कारावास एवं एक हजार रुपए जुर्माने से तथा जुर्माना व्यतिक्रम पर इन धाराओं में क्रमश: चार माह, एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा से दण्डित किया है। आरोपी उर्वेश पुत्र दशरथ समाधिया उम्र करीब 33 साल निवासी ग्राम सालिगपुर थाना अटेर को धारा 302/34 भादंसं में आजीवन कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 25(1-बी)ए आम्र्स एक्ट में एक वर्ष के कठोर कारावास एवं एक हजार रुपए जुर्माना तथा अर्थदण्ड संदाय में व्यतिक्रम पर उक्त धाराओं में क्रमश: चार माह, एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा से दण्डित किया है। आरोपी उमेश पुत्र दशरथ समाधिया उम्र करीब 35 साल निवासी ग्राम सालिगपुर थाना अटेर को धारा 302/34 भादंसं में आजीवन कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 25(1-बी)ए आम्र्स एक्ट के अपराध में एक वर्ष के कठोर कारावास एवं एक हजार रुपए जुर्माना तथा अर्थदण्ड संदाय में व्यतिक्रम पर उक्त धाराओं में क्रमश: चार माह, एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा से दण्डित किया है। प्रकरण का संचालन जिला अभियोजन अधिकारी अरविन्द कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में अपर लोक अभियेाजक जिला भिण्ड मुकेश बिहारी दीक्षित ने किया।
सहायक मीडिया सेल प्रभारी भिण्ड कृष्णेन्द्र पाल यादव के अनुसार अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि 17 दिसंबर 2016 को दोपहर 12:10 बजे फरियादी रामानंद शर्मा ने इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि आज वह अपने चाचा रामसुंदर शर्मा के साथ मोटर साइकिल से अपने गांव साजनपुर से भिण्ड जेल में भाई मोहन से मिलने आया था। जेल से निकलकर बाहर आया तो उसके चचेरे भाई शैलेन्द्र व हरिओम शर्मा उसे मिले, तभी उनसे बात कर उसने मोटर साइकिल स्टार्ट की व उसके चाचा पीछे बैठ गऐ। तभी एक मोटर साइकिल से उर्वेश, उमेश व जूली समाधिया ग्राम सालिमपुर के आए जिनसे उनकी पुरानी रंजिश चल रही है। इसी बात पर से जूली समाधिया ने 12 बोर की अधिया से चाचा रामसुंदर के गोली मारी तो वह नीचे गिर पडे तथा मोटर साइकिल भी गिर गई। उर्वेश व उमेश ने 12 बोर की अधिया से गोली मारी जो चाचा के कमर व सिर पर लगी। वह एवं शैलेन्द्र तथा हरिओम दौडकर जेल गेट की बाउण्ड्री में भाग गए। उसके चाचा रामसुंदर की मौत उर्वेश, उमेश व जूली ने 12 बोर की अधिया से गोली मारकर की है। फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर से सिटी कोतवाली भिण्ड के तत्कालीन थाना प्रभारी मिर्जा आसिफ बेग ने प्रकरण क्र.0/16 धारा 302, 34 भादंसं के तहत देहाती नालिशी प्रदर्श पी-1 जिला अस्पताल भिण्ड पर लेख की गई। जिला अस्पताल भिण्ड में मृतक रामसुंदर शर्मा की पोस्ट मार्टम के लिए सफीना फार्म प्रदर्श पी-4 व नक्शा पंचायतनामा प्रदर्श पी-5 बनाए गए तथा मृतक रामसुंदर शर्मा के शव का प्रदर्श पी-26 का पोस्ट मार्टम कराया गया। घटना स्थल का नक्शा मौका प्रदर्श पी-3 बनाया गया। तदुपरांत प्रदर्श पी-1 की देहाती नालिशी के आधार पर थाना सिटी कोतवाली में अभियुक्तगण के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रदर्श पी-9 लेखबद्ध कर अपराध क्र.565/2016 अंतर्गत धारा 302, 34 भादंसं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा प्रदर्श पी-10 का मर्ग पंजीबद्ध किया गया।