पंचायता वासियों ने असंतुष्ट होने पर पुन: उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराने की लगाई कलेक्टर से गुहार

बकनासा पंचायता वासियों ने जांच कर्ताओं और जिला पंचायत सीईओ पर लगाए आरोप

भिण्ड, 07 फरवरी। गोहद जनपद की ग्राम पंचायत बकनासा में हुए भ्रष्टाचार का मामला एक बार फिर प्रकाश में आया है, जहां पंचायत वासियों ने सोमवार को कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर ग्राम पंचायत में की गई अपूर्ण जांच से असंतुष्ट होकर पुन: उच्च स्तरीय पांच सदस्यों का दल गठित कर पुन: जांच कराने की आवेदन देकर गुहार लगाई।
मीडिया से मुखातिब होने पर बकनासा ग्राम पंचायत वासियों ने कहा कि 20 दिन पूर्व हमने हमारी पंचायत में मनरेगा कार्यों की आड़ में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार की शिकायत एवं समस्त मनरेगा कार्यों की जांच की मांग भिण्ड कलेक्टर से की, तब कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को जांच के लिए आदेशित किया। तदुपरांत आनन-फानन में जिला पंचायत सीईओ ने ईई आरईएस आलोक तिवारी और पीओ मनरेगा प्रमोद तोमर को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच के आदेश दिए। परंतु उक्त जांच अधिकारियों द्वारा अपूर्ण जांच कर खानापूर्ति की गई है, क्योंकि सचिव द्वारा जांच को खुर्द-बुर्द करने के एवज में आलोक तिवारी ने पैसों का लेन-देन भी किया है। इसलिए हम समस्त बकनासा पंचायत वासी इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं, इसीलिए जिला कलेक्टर से पुन: अनुरोध किया है कि ग्राम पंचायत बकनासा में हुए समस्त मनरेगा कार्यों की जांच निष्पक्ष रूप से कराई जाए, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और साथ ही साथ मूल्यांकन करने वाले उपयंत्री और सहायक यंत्री को भी समान रूपी दण्ड दिया जाए।
ग्राम पंचायत बकनासा वासियों ने जिला पंचायत सीईओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब हम किसी मामले से जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराना चाहें तो साहब हम पंचायता वासियों का नंबर ही ब्लॉक कर देते हैं। क्योंकि हम ग्रामवासी तो उन्हें कुछ देते नहीं है, इसलिए जो भी सरपंच और अन्य अधिकारी जो साहब को मोटी रकम देते हैं उन्हीं का फोन उठाया जाता है।

क्या जिला प्रशासन उक्त पंचायत की करा पाएगा निष्पक्ष जांच और दोषियों को देगा समान रूपी दण्ड

गोहद जनपद की बकनासा ग्राम पंचायत वासियों द्वारा पुन: जांच कराने की कलेक्टर को लगाई गई गुहार कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर ऐसा क्या कारण है कि उक्त पंचायत की निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है या कहीं ऐसा तो नहीं कि विभागीय अधिकारियों का बचाव करने की कोशिश की जा रही हो, तभी ऐसी जांच कर खानापूर्ति की जा रही है।

इनका कहना है-

गोहद जनपद के बकनासा ग्राम पंचायत वासियों द्वारा जो आज आवेदन प्राप्त हुआ है, उसमें उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है, जिसमें पांच सदस्यीय दल बनाकर पुन: निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी
डॉ. सतीश कुमार एस
कलेक्टर भिण्ड