घर में घुसकर चोरी करने वाले आरोपी को तीन वर्ष की सजा

भिण्ड, 29 दिसम्बर। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गोहद, जिला भिण्ड के न्यायालय ने थाना गोहद के प्रकरण क्र.428/2016 में घर में घुसकर चोरी करने वाले आरोपी राजाभैया पुत्र जबर सिंह उम्र 35 साल निवासी ग्राम आलोरी थाना गोहद को धारा 457, 380 भादंसं में तीन-तीन वर्ष सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपए जुर्माने से दण्डित किया है। अर्थदण्ड अदायगी में व्यतिक्रम की दशा में एक माह का सश्रम कारावास पृथक से भुगताया जाएगा। प्रकरण का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने किया।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी कालीचरन ग्वालियर में शिवहरे रोड लाइन ट्रांसपोर्ट में नौकरी करता है। वह रोज गोहद से सुबह आठ बजे ग्वालियर जाता है और रात 8:30 बजे तक वापस आ जाता है। फरियादी के घर में उसका लडका विकास गुप्ता तथा विशाल गुप्ता, भविष्य गुप्ता और उसकी पत्नी रहते हैं। 14 मार्च 2016 को वह अकेले मेहदीपुर बालाजी दर्शन करने गया था। 16 मार्च की रात्रि से 17 मार्च की रात्रि के दरम्यान मकान में रखे लोहे के बक्से में स्टील के डब्बे में सोने-चांदी के गहने तीन हार, नौ अंगूठी, 12 चूडी, तीन जंजीर एवं पुरी टूटी-फूटी चांदी की तोडिया आदि कोई अज्ञात चोरचोरी करके ले गया। जेवर को वह तथा उसकी पत्नी तथा बहू रानी देखकर पहचान लेंगे। कुछ जेवर उसकी लडकों की ससुराल से दान दहेज में मिला था, इसलिए वजन नहीं बता सकता, चोरी गए जेवर में उसकी एक अंगूठी थी, जिनके ऊपर अंग्रेजी में के/ए लिखा हुआ है, उसकी बहू का एक मोबाइल कार्बन के 44 जिसका नं.8959097136 को कोई चोर चोरी करके ले गया। फरियादी कालीचरन को उसके लडके भविष्य का फोन आया कि घर में चोरी हो गई है, कुछ नहीं बचा, सारा जेवर चला गया है। फिर वह लोग घर आए। घर का सारा सामान बिखरा पडा था, अटैची खुली पडी थी। तत्पश्चात फरियादी ने घटना की रिपोर्ट आरक्षी केन्द्र गोहद में लिखवाई। पुलिस ने अपराध क्र.74/2016 पर धारा 457, 380 भादंसं का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान घटना स्थल का नक्शा मौका बनाया गया। साक्षीगण के धारा 161 दंप्रसं के अंतर्गत कथन लेखबद्ध किए गए। आरोपीगण को संदेह के आधार पर गिरफ्तार कर पूछताछ की गई और उनके मेमोरेण्डम लेख किए गए, आरोपीगण द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर संपत्ति जब्त की गई। अनुसंधान उपरांत अभियुक्तगण के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में 22 जुलाई 2016 को पेश किया गया। जहां न्यायालय अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य से सहमत होकर अभियुक्त राजाभैया को उपरोक्त सजा से दण्डित किया है। प्रकरण में एक अन्य आरोपी जोगेन्द्र सिंह अभी फरार है।