अमायन के सड़ा गांव में है आस्था का केन्द्र आजी मां का भव्य मन्दिर

आजी मां के दरबार में होते हैं कई चमत्कार

भिण्ड, 14 अक्टूबर। जिले में अमायन तहसील के ग्राम सड़ा में आजी मां शक्तिपीठ पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने नियमित रूप से कथा रसपान किया। भागवत कथा के परीक्षत श्रीमती मुन्नी सम्भर सिंह सोलंकी एवं प्रतिष्ठा परीक्षत ममता कोकसिंह सरपंच लहारा हंै।
यहां बता दें कि आजी मां शक्तिपीठ करीब 350 वर्ष प्राचीन है। बताया गया है कि चौहान वंश के अमायन की आतों जागीर के की ढोंका कुंअर पुत्री थीं, जिनका विवाह देवजू सिकरवार के साथ हुआ था। वे पूजा-पाठ एवं भक्ति में लीन रहती थीं, जिसके चलते लोग उन्हें आजी मां के नाम से पुकारने लगे और लोगों में उनकी आस्था बढ़ती गई। वर्तमान में ग्राम सड़ा के अमायन रोड पर आजी मां की प्राचीन पूजा स्थली पर भव्य मन्दिर बन गया है। इस मंदिर पर आने से बिच्छू काटने के जहर का असर खत्म हो जाना भी उनका एक दैवीय चमत्कार है। मां के दरबार में अर्जी लगाने पर खोये हुए लड़कों को वापस घर पहुंचाने का अद्भुत चमत्कार जनमानस में गहरी छाप छोड़ गया। अब तो यहां उत्तर प्रदेश गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों के लोग प्रति सोमवार आजी मां के दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर का संचालन समिति द्वारा विधिवत किया जा रहा है।
यहां चल रही श्रीमद् भागवत कथा में एक दिन का भण्डारा मप्र शासन के राज्यमंत्री ओपीएम भदौरिया ने दिया। महादेव सिंह सरपंच बिरोना, कुवर सिंह आदि ने भी यहां भण्डारा देकर मो का आशीर्वाद प्राप्त किया। हेमंत कटारे पूर्व विधायक, राकेश शुक्ला पूर्व विधायक, सत्यपाल सिंह भी कथा में शिरकत कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करने आ चुके हैं।