पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से गोहद चितौरा मार्ग हुआ बदहाल

गहरे गड्ढों के कारण हो रहे हैं हादसे, स्थानीय रहवासियों में आक्रोश
तीन करोड़ 41 लाख की लागत से साढ़े पांच मीटर चौड़े मार्ग का होगा मरम्मती करण

गोहद, 21 अगस्त। गोहद से चितौरा मार्ग पिछले करीब डेढ़ वर्ष से बदहाल बना हुआ है। मार्ग की बदहाली के कारण सड़क दुर्घटना में कई परिवारों ने अपनों को खो दिया है, इस कारण इस मार्ग पर बसे गांव के वाशिंदों व क्षेत्र की जनता में आक्रोश व्याप्त है। मार्ग की बदहाली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 15 मिनट का सफर दो घण्टे में तय होता है। इस मार्ग की दुर्गति की शिकायतें स्थानीय नेताओं, क्षेत्रीय लोगों एवं पत्रकारों द्वारा लिखित व मौखिक रूप से पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ संतोष कुमार के संज्ञान में लाई गईं। मार्ग की बदहाली की कई खबरें समाचार पत्रों में प्रकाशित हुईं, मगर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के कानों में जू तक नहीं रैंगी। एसडीओ पीडब्ल्यूडी अक्सर अपनी जिम्मेदारियों से भागते नजर आते हैं, इस मार्ग के संबंध में एसडीओ संतोष कुमार से जानकारी चाही गई तो वह जानकारी स्पष्ट नहीं दे पाए और गोलमोल जवाब देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए। ज्ञात हो कि एसडीओ पीडब्ल्यूडी विभाग में फंड ना होने की बात कह कर शिकायतों पर पर्दा डाल देते हैं।

बेपरवाह अफसर सुस्त ठेकेदार

तीन करोड़ 41 लाख की लागत से साढ़े पांच मीटर चौड़ा मार्ग का मरम्मती करण कार्य बेपरवाह अफसर व सुस्त ठेकेदार के कारण लंबित पड़ा हुआ है। कार्य के शुरू होने की बात पिछले एक वर्ष से पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ से की जाती है, तो वह जल्द ही कार्य शुरू होने एवं विभाग पर फंड न होने की बात कह कर अपनी जवाबदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।

भ्रमण के नाम पर लगाते हैं शासन के खजाने को चूना

पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी क्षेत्र की सड़कों के निरीक्षण के नाम पर विभाग में लगी हुई गाड़ी से ग्वालियर से अप डाउन कर क्षेत्र निरीक्षण के नाम से लाखों का डीजल अपडाउन एवं निजी कार्यों के चलते फूंक देते हैं, जिससे शासन के राजस्व को लाखों रुपए का चूना लगता है।

इनका कहना है-

अभी कच्चा कार्य ठेकेदार द्वारा जारी है, डामर का कार्य दिसंबर तक पूर्ण करा लिया जाएगा।

केके शर्मा
कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी विभाग जिला भिण्ड