अटलजी के व्यक्तित्व और कृतित्व राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए जीवन को समर्पित किया : मुन्नासिंह

भाजपा किसान मोर्चा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई

भिण्ड, 25 दिसम्बर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अटेर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मुन्नासिंह भदौरिया ने कहा कि सुशासन दिवस भारत में प्रति वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती के रूम में 25 दिसंबर के दिन बनाया जाता है, सरकार में जवाबदेही के भारतीय लोगों के बीच जाग्रता को बढ़ावा देकर प्रधानमंत्री वाजपेई को सम्मानित करने के लिए 2014 में कुशासन दिवस की स्थापना हुई, उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से भारतीय राजनीति में प्रवेश करते हुए भारत को विदेशी राज्यों से संबंध मजबूत बनाने का कार्य किया। वह राजनीति के पित्र पुरुष थे। जिन्होंने इस राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए सर्वव्यापी और सर्व स्पर्शी के साथ भारत और विदेशी नीति को भी बढ़ावा देकर भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने में अपनी अहम भूमिका के साथ कार्य किया अटलजी की कविताओं में राष्ट्रप्रेम की भावना उसमें जागृत होती थी और अटल जी का संपूर्ण जीवन सत्ता और संगठन के लिए पूर्ण रूप से अंतिम सांस तक समर्पित रहा। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष सांसद संध्या राय ने भी अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
सुशासन का उद्देश्य लोगों की बेहतरी है और यह सरकार द्वारा लोगों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित किए बगैर नहीं किया सकता है। सरकारी संस्थानों, निजी क्षेत्रों और नागरिक समाज संगठनों द्वारा सार्वजनिक एवं संस्थागत हितधारकों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। सुशासन के मूल तत्वों में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा, वैधानिकता, ध्वनि नीति, भागीदारी, उत्तरदायित्व, उत्तरदायित्व, और भ्रष्टाचार और गलत कार्यों का अभाव शामिल है। लोगों को वैध संगठनों या प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी राय देने में सक्षम होना चाहिए। इसमें पुरुष एवं महिलाएं, समाज के कमजोर वर्ग, पिछड़े वर्ग, अल्प संख्यक आदि शामिल हैं। भागीदारी का तात्पर्य संघ एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से भी है। कानूनी ढांचे को निष्पक्ष रूप से लागू किया जाना चाहिए, विशेषकर मानवाधिकार कानूनों के परिप्रेक्ष्य में। यह उद्बार उन्होंने भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य युवा नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह के निवास स्थान शास्त्री नगर ए ब्लॉक वार्ड क्र.नौ बूथ क्र.68 में मोर्चा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
पूर्व विधायक भदौरिया ने कहा कि कानून के शासन के बिना राजनीति, मत्स्य न्याय के सिद्धांत अर्थात मछली के कानून का पालन करेगी जिसका अर्थ है ताकतवर कमजोरों पर प्रबल होगा। आम सहमति उन्मुख आम सहमति उन्मुख निर्णय लेने से यह सुनिश्चित होता है कि हर किसी की सामान्य न्यूनतम जरूरत पूरी की जा सकती है जो किसी के लिए हानिकारक नहीं होगा। यह एक समुदाय के सर्वोत्तम हितों को पूरा करने के लिए व्यापक सहमति के साथ-साथ विभिन्न हितों की मध्यस्थता करता है। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य पूर्व जिला अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि सुशासन एक समतामूलक समाज के निर्माण का आश्वासन देता है। लोगों के पास अपने जीवन स्तर में सुधार करने या उसे बनाए रखने का अवसर होना चाहिए।
प्रभावशीलता एवं दक्षता
विभिन्न संस्थानों को अपने समुदाय की जरूरतों को पूरा करने वाले परिणाम उत्पन्न करने में सक्षम होना चाहिए। समुदाय के संसाधनों का उपयोग अधिकतम उत्पादन के लिए प्रभावी रूप से किया जाना चाहिए। सुशासन का उद्देश्य लोगों की बेहतरी पर आधारित है और यह सरकार के बिना लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं हो सकता है। सरकारी संस्थानों, निजी क्षेत्रों और नागरिक संगठनों को सार्वजनिक एवं संस्थागत हितधारकों के प्रति जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आवश्यक सूचनाएं जनता के लिए सुलभ हों और उनकी निगरानी होनी चाहिए। किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात के विचारों को स्क्रीन पर सुना जिस पर मोदी ने राष्ट्र के विकास एवं शिक्षा, स्वास्थ के जनांदोलन को जागरुकता लाने के लिए देश की जनता को प्रेरणा दी साथ ही उन्होंने मन की बात में कोविड-19 लहर से बचने के लिए सैनिटाइजर, मास्क, वैक्सीनेशन, सुरक्षित रहने के लिए आग्रह किया कि हम इस लहर से पूर्ण रूप से अपना बचाव रखें और शांति सद्भावना के साथ कोविड-19 लड़ाई को जीता है और भी जीतेंगे।
किसान मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पं. अटल बिहारी बाजपेई के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रृद्धांजलि अर्पित की। संचालन जिला उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र तिवारी एवं आभार व्यक्त मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रक्षपाल सिंह राजावत ने किया। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के जिला संयोजक रामनरेश शर्मा, मोर्चा के जिला महामंत्री धर्मेन्द्र सिंह राजावत, अशोक सिंह कुशवाह, सत्येन्द्र पाठक लाला, शंकर सिंह राजावत, शैलेन्द्र सिंह भदौरिया, सुभाष मण्डल के अध्यक्ष प्रदीप सिंह भदौरिया टीपू, जिला मंत्री अनिल सिंह कुशवाह, महेन्द्र सिंह कुशवाह, श्रीमती मिथिलेश तोमर, लवकुश सिंह परिहार, भूपेन्द्र ओझा, सर्जन सिंह नरवरिया आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।