पंच कल्याणक में मुनि पदम सागर निकाले आहारचार्य के लिए

ज्ञान कल्याणक में सूरिमंत्र के साथ समवशरण का हुआ आयोजन

भिण्ड, 24 दिसम्बर। मुनि श्री विनय सागर महाराज एवं मुनि श्री ध्यान नंद सागर महाराज संसघ के सानिध्य में चल रहे श्री नवग्रह पंच कल्याणक महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को मुनि पदम सागर की प्रथम आहारचार्य, ज्ञान कल्याणक पर समवशरण में खिली दिव्य ध्वनि, मुनिश्री ने प्रतिमाओं को दिया सूरिमंत्र देकर किया प्रतिष्ठित।

आयोजन महोत्सव के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम ने बताया कि मुनि पदम सागर की दीक्षा के उपरांत पदम सागर का प्रथम आहार का दिन आता है और मुनि श्री विनय सागर महाराज सिर पर प्रतिमा मुनि पदम लेकर निकले हैं, आहार के लिए कौशाम्बी नगरी में पहुंचते हैं। जहां मुनि श्री पदम सागर की अगवानी के लिए खड़े लोगों ने एक स्वर में बोला हे स्वामी नमोस्तु नमोस्तु… अत्रो अत्रो… यह सुनकर मुनि आहार के लिए आ गए और पण्डाल में कौशाम्बी नगरी में विधि मिल जाने पर प्रथम आहार खीर से मुनि पदम सागर को प्रथम आहार अशोक साधना व अंकित शेफाली परिवार ने कराया। वहीं सैकड़ों लोगों ने आहार करवाया। महिला-पुरुष कतार में एक-एक करक आ रहे थे और मुनिराज पदम सागर को आहार दान दे रहे थे।

समवशरण में खिली दिव्यध्वनि, मुनिश्री ने जिज्ञासाओं का किया समाधान

महोत्सव में भव्य समवशरण की रचना कि गई, समोशरण में गणधर के रूप में मुनि श्री विनय सागर ने दिव्य ध्वनि में बोलते हुए कहा कि भगवान के उपदेश देने की सभा का समवशरण कहते है। जहां पर सभी को समान रूप से आत्म कल्याण का अवसर प्राप्त होता है। मनुष्य, देव, भूतप्रेत एवं निर्भय सभी भगवान का इतना प्रभाव रहता है कि गाय और शेर, सांप, नेवला अपने सारे बैर भाव को भूल जाते हैं। वहीं नगरी के लोगों की जिज्ञासों का समाधान मुनिश्री ने किया। समवशरण का उद्घाटन प्रज्ञ संघ भिण्ड ने किया।

मुनिश्री ने प्रतिमाओं को सूरिमंत्र देकर किया प्रतिष्ठित

पंच कल्याणक महोत्सव में मुनि श्री विनय सागर महाराज, मुनि श्री ध्याननंद सागर महाराज ने भगवान पद्मप्रभु, चंद्रप्रभु, वासपूज्य, मल्लीनाथ, मुनि सुव्रतनाथ, नमीनाथ, नेमिनाथ, पाश्र्वनाथ, भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमाओं को सूरिमंत्र देकर उनको केवल ज्ञानोत्पति कर प्राण प्रतिष्ठा की क्रियाएं कीं।

मोक्ष कल्याणक, विश्वशांति महायज्ञ पर निकालेगी शोभायात्रा आज

प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि 25 दिसंबर को सुबह छह बजे से जाप्य, नित्य नियम पूजन, अभिषेक के उपरात सिद्धत्व का मोक्ष गमन, निर्वाण कल्याणक एवं विश्व शांति महायज्ञ होगा, शोभयात्रा निकाली जाएगी।