प्रशासन की देख-रेख में खुलेआम बिक रहा है नकली खादबीज

अन्नदाता के साथ दुकानदार कर रहे हैं खिलवाड़

भिण्ड, 16 जुलाई। लहार में इन दिनों किसानों के द्वारा खरीफ की फसल बुवाई का सीजन चल रहा है और समूचे क्षेत्र में किसान अपनी खेती में धान, ज्वार, बाजरा, मूंग, उड़द, मूंगफली आदि अच्छे किस्म के बीज बोना चाहता हैं। लेकिन चंद रुपए कमाने के लालच में नगर के कुछ दुकानदार इन दिनों असली खाद, बीज के नाम पर अन्नदाता किसान को खुलेआम मिलते-जुलते कंपनियों के नकली किस्म के खाद, बीज बेच रहे हैं। इसके अलावा मीडिया के पास कुछ ऐसे वीडियो हैं जिसमें दुकानदार अपने गोदाम के अंदर मण्डी से खरीदी हुआ बीज कंपनी के नाम से पेकिंग करा कर दुकान पर बेच रहे हैं या किसानों के साथ खुलेआम धोखा किया जा रहा है। इस ओर प्रशासन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों का कतई ध्यान नहीं है। इस बारे में कई बार प्रशासन को एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, मगर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर ली जाती है और बीज विक्रेताओं को मनमर्जी से बेचने की छूट प्रदान कर दी जाती है। बेचारा किसान मजबूर होकर अच्छे बीज खरीदने के लिए दुकानों पर जाता है, तो दुकानदार उन किसानों को अच्छी किस्म के बीज की जगह नकली एवं घटिया कंपनियों का बीज थमा देते हैं। इससे बेचारा अन्नदाता विक्रेताओं की बातों में आकर बीज खरीद ले जाते हैं, किसान जब वह खरीदा हुआ बीज अपने खेतों में बुवाई करता है तो बुवाई के बाद बीज के अंकुरण सही तरीके से नहीं निकलते हैं, कई किसानों के खेतों में तो आधे बीज में अंकुरण आते हैं और किसान का बोया हुआ बीज नष्ट हो जाता है। इस बारे में कई किसानों ने दुकानदारों से संपर्क कर बताया कि आपके द्वारा दिया हुआ बीज अभी अंकुरित नहीं हुआ है, तो दुकानदार किसान को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाता हैं, ऐसे में आखिर बेचारा किसान अपने घर बैठ जाता है।
क्षेत्र के कुछ किसानों ने बताया है कि उनके द्वारा पिछले माह एक दुकान से धान का बीज खरीदा था तथा दुकानदार से पक्का बिल भी लिया था, लेकिन किसानों द्वारा जब वह भी अपने खेतों में बोया तो शत-प्रतिशत बीज खराब निकल गया, जब किसानों ने इसकी शिकायत बीज विक्रेता से की तो किसानों की बात सुनकर विक्रेता चुपचाप रह गया और उसने कुछ किसानों के खरीदे हुए बीज के पैसे भी वापस लौटा दिए। विक्रेता की इस तरह की हरकतों से बेचारे किसानों का सही समय पर धान का रोपण नहीं हो पाया और वह अब अपने खेतों में अन्य फसल लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
नगर में कुछ दुकानदारों द्वारा प्रशासन द्वारा निर्धारित दरों से अधिक रेट पर खाद बीज बेचा जा रहा है, जो सरेआम अन्नदाता के साथ धोखाधड़ी है। इसकी जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों को है, मगर कमीशनखोरी के चक्कर में कार्रवाई के नाम पर कोई भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी सामने नहीं आना चाहता। क्षेत्रीय किसानों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि नगर के खाद बीज विक्रेताओं के लाईसेंस एवं माल का स्टाक चेक करें तथा दुकानों पर रेट सूची चस्पा कराई जाए, विक्रय की हुई बीज, खाद के पक्का बिल किसानों को उपलब्ध कराए जाएं। कच्चे बिल पर खाद, बीज जो दुकानदार विक्रय कर रहे हैं, उन पर अंकुश लगाकर कार्रवाई कराई जाए, ताकि किसानों के साथ धोखाधड़ी न हो सके।