चाइल्ड एब्यूज के तहत जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

भिण्ड, 15 जुलाई। चाइल्ड लाइन 1098 एवं ऑल इंडिया एनजीओ एसोसिएशन के सहयोग से एसजीएम पब्लिक स्कूल सर्किट हाउस के पास भिण्ड में चाइल्ड लाइन डायरेक्टर शिवभान सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन में चाइल्ड एब्यूज के तहत जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे नीलकमल सिंह भदौरिया ने बताया कि बच्चों पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए, लगातार कमजोर व गरीब के प्रति संवेदनशीलता के तहत चाइल्ड एब्यूज यानी बच्चों के शारीरिक मानसिक या फिर यौन शोषण के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिस पर बच्चों को पॉक्सो एक्ट के तहत कानून और धारा एवं सजा कि विधिवत जानकारी दी। जिससे बच्चे जागरुक हों और अपने अधिकारों के प्रति संवेदनशील रहें। इसीक्रम में चाइल्ड एब्यूज पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहले समझें कि एब्यूज होता क्या है। बच्चे का मजाक उड़ाना, उन्हें चुप कराने के लिए चिल्लाना, उन्हें विचार या राय व्यक्त करने की अनुमति न देना, बच्चों को धमकी देना, भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करना, वाल विवाह कराना, बच्चों से मजदूरी कराना, बाल यौन शोषण, अन्य तरह को शोषण चाइल्ड एब्यूज कि कैटागरी में आते हैं। इस स्थिति में आप चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर कॉल कर मदद मांग सकते हैं, जो कि 24 घण्टे नि:शुल्क आपातकालीन सेवा है।
चाइल्ड लाइन टीम मेंबर अजब सिंह ने चाइल्ड एब्यूज पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अगर किसी छोटे बच्चे के साथ कोई बड़ा व्यक्ति मारपीट, मानसिक रूप से परेशान या फिर यौन उत्पीडऩ करता है, तो उसे चाइल्ड एब्यूज की केटागिरी में रखा जाता है या अपराध की श्रेणी में आता है। जबकि किसी भी प्रकार का शोषण बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर बुरी तरह से असर डालता है।
अनमोल चतुर्वेदी ने बच्चों को गुड टच, बेड टच में फर्क समझाया। कार्यक्रम में मुख्य अथिति स्कूल संचालक संजय भदौरिया एवं स्कूल स्टाफ प्राचार्य यदुवीर सिंह चौहान, आकाश शर्मा आदि के सहयोग से बच्चों को स्वल्पाहार कराया गया।