घरों और दुकानों के सामने खुदा पड़ा नाला बच्चों और बुजुर्गों के लिए बना खतरा

एक माह से काम बंद, नाले में बारिश का पानी भरने से घरों दुकानों में पहुंच रही नमी, मच्छर भी पनप रहे

आलमपुर/ भिण्ड, 10 जुलाई। नगर परिषद आलमपुर ने बस स्टेण्ड से गीता मैरिज गार्डन तक पक्का नाला निर्माण के लिए राज्य सरकार से लाखों रुपए मंजूर कराकर तथा उसका टेंडर कराकर ठेकेदार के माध्यम से नाला तो खुदबा दिया। लेकिन नाले का निर्माण कार्य पिछले करीब एक माह से बन्द पड़ा हुआ है। बस स्टेण्ड मुख्य मार्ग पर सड़क के किनारे घरों और दुकानों के सामने खुदे पड़े नाले की वजह से न तो व्यापारी अपनी दुकानों को खोलकर ठीक तरह से संचालित कर पा रहे हैं और न ही लोग अपने घरों से निकल पा रहे हैं। खुदे पड़े नाले में बारिश का पानी भरने से जहां कई लोगों के घरों और दुकानों में नमी पहुंच रही है। तो वही नाले में भरे बरसात के पानी से मच्छर पनप रहे है। जिससे बीमारी फैलने की संभावना बनी हुई है। यही नहीं सड़क के किनारे घरों एवं दुकानों के सामने पानी से भरा नाला बच्चों, बुजुर्गों एवं पशुओं के लिए खतरा बना हुआ है। लेकिन नगर परिषद प्रशासन इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। शायद नगर परिषद प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
विदित हो कि आलमपुर कस्बे में बस स्टेण्ड से पुलिया तिराहे की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बने घरों से निकलने वाले पानी की निकासी व्यवस्था न होने के कारण इस क्षेत्र के लोग करीब एक दशक से परेशान थे। लोगों को अपने घरों के सामने गड्ढे खोदकर घरों से निकलने वाला गंदा पानी एकत्रित करना पड़ता था और जब यह गड्ढे भर जाते थे, तब उन्हें अपने हाथों से स्वयं उलीच कर गड्ढे खाली करना पड़ते थे। लेकिन राज्य शासन द्वारा नाला निर्माण के लिए मंजूरी मिलने के बाद इस क्षेत्र के नागरिकों की एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है। किन्तु गीता मैरिज गार्डन से बस स्टेण्ड तक नाले की खुदाई के उपरांत पक्के नाले का निर्माण कार्य शुरू हो पाता, इससे पहले ही नाले का निर्माण कार्य बंद हो गया है। बताया जाता है कि नगर परिषद के कुछ जिम्मेदार लोगों ने नाला निर्माण के लिए खुदाई शुरू होने से पहले स्वयं पैमाइश कराकर जगह चिन्हित कर दी थी। फिर निर्माण कार्य बीच में किस बजह से रूक गया यह विचारणीय प्रश्न है?

जल भराव की समस्या से निजात दिलाने में नाकाम हुई नप

नगर परिषद आलमपुर कस्बे के लोगों को जल भराव की समस्या से निजात दिलाने में नाकाम साबित हो रही है। यदि कस्बे में देखा जाए तो आवासीय क्षेत्र में कई जगह खाली पड़े प्लाटों में घरों से निकलने वाले पानी से जल भराव हो रहा है। बस्ती के अंदर कई जगह खाली पड़े प्लाट घरों और बारिश के पानी से तालाब जैसे तने नजर आ रहे हैं। जिनमें मच्छर सहित कई प्रकार के जीव-जंतु पनप रहे हैं। आलमपुर कस्बे में देभई चौराहे के समीप संस्कार विद्यालय के सामने तथा बस स्टेण्ड मार्ग पर संतोष झा जौरी बाले के मकान के ठीक बगल में खाली पड़े प्लाटों की ओर ध्यान आकर्षित कर देखा जाए तो इन दोनों स्थानों पर कई वर्षों से घरों एवं बरसात के पानी से जल भराव हो रहा है। लेकिन नगर परिषद अभी तक इन स्थानों पर पानी निकासी की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं कर पाई है।