दोपहर में हुई रिमझिम बारिश के बाद बढ़ी उमस

झमाझम बारिश के लिए करना होगा चार दिन का इंतजार

ग्वालियर, 06 जुलाई। बुधवार को दोपहर में मौसम गर्म हुआ, उमस बढ़ी तो बादल घुमडऩे लगे और रिमझिम बारिश हो गई, लेकिन बारिश के बाद भी शहर वासियों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिली। मौसम के जानकारों का कहना है कि उमस से छुटकारा तभी मिलेगा जब झमाझम अंदाज में तेज बारिश होगी और कम से कम 60 से 70 मिली पानी गिरेगा।
एक सप्ताह पूर्व मानसून आने के बाद भी ग्वालियर को गर्मी और उसम से राहत नहीं मिली है। अनुकूल बारिश नहीं होने से पिछले दो दिन से तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर टिका हुआ है। इसी क्रम में बुधवार को भी सुबह से ही वातावरण में उमस थी। इसके चलते मौसम गर्म हुआ तो आसमान में सीबी क्लाउड (गरजने वाले बादल) बन गए। इसके फलस्वरूप दोपहर करीब सवा एक से दो बजे तक रिमझिम बारिश हुई। इस दौरान शहर में 5.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। स्थानीय मौसम विज्ञानी सीके उपाध्याय के अनुसार वर्तमान में गुजरात के मध्य भाग में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। जहां से इन्दौर, पेंड्रा रोड, गोपालपुर से होते हुए पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक मानसून की अक्षीय रेखा गुजर रही है। अपतटीय ट्रफ गुजरात तट से महराष्ट्र तक बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है लेकिन ग्वालियर-चंबल में इन मौसम प्रणालियों का कोई असर नहीं है। हालांकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आ रही है। इसके साथ ही मौसम गर्म होने से बादल छा गए इसलिए हल्की बारिश हो गई। फिलहाल इसी तरह बारिश की उम्मीद की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि आठ जुलाई को बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनेगा जो वहां से गतिमान होकर मप्र की ओर आएगा। इसके साथ ही मानसूनी अक्षीय रेखा भी आगे बढ़ेगी। जिससे 11 या 12 जुलाई से ग्वालियर सहित पूरे अंचल में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार पिछले दिन की अपेक्षा बुधवार को अधिकतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस आंशिक गिरावट के साथ 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 1.0 डिग्री सेल्सियस अधिक है जबकि न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 29.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह भी औसत से 1.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है। आज सुबह हवा में नमी 66 और शाम को 83 प्रतिशत दर्ज की गई।