धन तन के लिए नहीं, बल्कि दिखाने के लिए ज्यादा कमाना पड़ता है : विनय सागर

मुनिश्री के सानिध्य में दिगंबर जैन मन्दिर का दो दिवसीया कार्यक्रम संपन्न
नवीन जिन मन्दिर की वेदी विराजे भगवान जिनेन्द्र देव, शिखर पर कलश रोहण के साथ लहराई ध्वज

ग्वालियर, 01 जुलाई। व्यक्ति को हमेश डर बना रहता है कि मेरा धन कहीं चला नहीं जाए। यह धन नश्वर है, जब आराम करने की फुर्सत नहीं है, तो धन क्यों कमा रहे हैं। धन जीने के लिए ज्यादा नहीं चाहिए होता है। धन तन के लिए ज्यादा नही कमाना पड़ता है, बल्कि दिखाने के लिए पड़ता हैं। यह विचार श्रमण मुनि श्री विनय सागर महाराज ने शुक्रवार को गुड़ागुड़ी का नाका स्थित नवीन जिन मन्दिर पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन वरैया मन्दिर की वेदी प्रतिष्ठा व शिखर कलश रोहण में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मंच पर क्षुल्लक श्री समर्पण सागर महाराज भी मौजूद थे।


मुनिश्री के चरणों मे मन्दिर समिति के विजय जैन, डालचंद जैन, सतीश जैन, मुकेश जैन, धरम वरैया, नरेन्द्र जैन, सुधीर जैन, राजेन्द्र जैन, अनुराग जैन नरेश जैन ने श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया।

भगवान किया अभिषेक, विधान के उपरांत की विश्वशांति की कामना

महोत्सव के सह विधानचार्य पं. चंद्रप्रकाश जैन चंदर ने मंत्रों से साथ इन्द्रों ने पीले वस्त्र धरण कर भगवान पाश्र्वनाथ का कलशों से जयकारों कब साथ अभिषेक किया। वहीं शांतिधार के साथ आरती की गई। महोत्सव के कल्याण मन्दिर विधान में पूजा के साथ संगीतकार अनुपमा जैन सुरत्न के भजनों पर भक्ति नृत्य करते हुए महाअध्र्य समर्पित किए। अतिंम दिन विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें इन्द्र-इन्द्राणियों ने हवन कुण्ड में मंत्रों द्वारा आहुति डालकर भगवान जिनेन्द्र से विश्व शांति की मनोकामना की।

इन्होंने वेदी के कमल सिंघासन पर प्रतिमाएं की विराजित

समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि प्रतिष्ठाचार्य अजीत कुमार शास्त्री ने मंत्रों के साथ नवीन जिन मन्दिर पट उद्घाटन जिनेन्द्र मधुलता जैन एवं नवीन वेदी का उद्घाटन चक्रेश-सीमा जैन परिवार ने किया। वहीं नवीन वेदी की मूलनायक सताऊ वाले भगवान पाश्र्वनाथ बाबा की प्रतिमा स्वर्ण कमल सुरेन्द्र कुमार, राकेश कुमार जैन परिवार ने की। दूसरी पाश्र्वनाथ प्रतिमा सतीश कुमार, मुकेश, नरेश जैन परिवार व तीसरी प्रतिमा मदनमोहन, राजेश कुमार, संजीव कुमार जैन जौरा परिवार, भगवान आदिनाथ की प्रतिमा जवाहर लाल, डालचंद, राजेन्द्र कुमार जैन, चौथी प्रतिमा भगवान पद्मप्रभु अजित कुमार, विपिन कुमार जैन परिवार एवं भगवान शांतिनाथ सरला जैन, जिनेश, अमित जैन परिवार व भगवान चन्द्रप्रभु नत्थीलाल, महेन्द्र, विजय जैन परिवार ने विराजित की।

इन्होंनेे ने किया मन्दिर के शिखर पर कलश रोहण

समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनि श्री विनय सागर महाराज एवं क्षुल्लक श्री समर्पण सागर के सानिध्य प्रतिष्ठाचार्य अजीत कुमार शास्त्री ने मन्दिर के शिखर पर नवनिर्मित स्वर्णमय कलश रोहण सुरेन्द्र कुमार, राकेश जैन परिवार द्वारा चढ़ाया गया। शिखर पर ध्वज पदमचंद, निशा जैन परिवार ने फहराई। मन्दिर में मौजूद लोग भगवान पाश्र्वनाथ के जयकारों के साथ भक्ति नृत्य करने लागे।