डॉक्टर पति की हत्या करने वाली असिसटेंट प्रोफेसर पत्नी को आजीवन कारावास

बिजली का करेंट लगाकर की थी हत्या

छतरपुर, 29 जून। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश छतरपुर श्री राजेश कुमार देवलिया के न्यायालय ने डॉ. नीरज पाठक की हत्या करने के जघन्य मामले में आरोपिया पत्नी ममता पाठक को आजीवन कारावास एवं दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी जिला छतरपुर शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि एक मई 2021 को ममता पाठक ने थाना सिविल लाईन में सूचना दी कि उनके पति डॉ. नीरज पाठक 29 अप्रैल 2021 को ऊपर वाले कमरे में लेटे थे, तभी करीब रात नौ बजे वह उनसे खाना का पूछने कमरे में गई तो पति पलंग पर लेटे थे और मेरी बात का जवाब नहीं दे रहे थे, उनकी मृत्यु हो गई थी। उनको सात-आठ दिन से बुखार आ रहा था, मुझे और मेरे बेटे को भी बुखार आ रहा था, तब मैं 30 अप्रैल 2021 की सुबह अपने बेटे नितीश के साथ इलाज कराने झांसी चली गई थी और रात्रि में वापस आई। उक्त सूचना पर थाना सिविल लाईन पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच की गई। जांच के दौरान मृतक डॉ. नीरज पाठक का पोस्ट मार्टम कराया गया, जिसमें चिकित्सकों ने डॉ. नीरज पाठक की मृत्यु बिजली करेंट लगने से होने संबंधी अभिमत दिया। थाना सिविल लाईन पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दौरान विवेचना ज्ञात हुआ कि ममता पाठक ने अपने पति को प्रताडि़त करती थी एवं आये दिन विवाद को लेकर ही अपने पति डॉ. नीरज पाठक को बिजली का करेंट लगाकर हत्या की गई है। बाद विवेचना आरोपिया ममता पाठक के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखा गया। अभियोजन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी प्रवेश अहिरवार ने पैरवी करते हुए मामले के सभी सबूत और गवाह कोर्ट में पेश किए तथा कठोर सजा देने की मांग रखी। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश छतरपुर राजेश कुमार देवलिया की अदालत ने आरोपिया ममता पाठक को धारा 302 भादंवि में आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।