निकाय निर्वाचन के दौरान कानून व्यवस्था संबंधी आदेश जारी

भिण्ड, 02 जून। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा एक जून को नगरीय निकाय निर्वाचन के चुनाव की घोषणा जा चुकी है तथा वर्तमान में त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन की प्रक्रिया भी प्रचलित है। चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, आशंकित हिंसा रोकने तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए जिला दण्डाधिकारी डॉ. सतीश कुमार एस ने पुलिस अधीक्षक को नगरीय निकाय निर्वाचन के अंतर्गत मतदान दिनांक से युक्तियुक्त समय पूर्व सीमाओं को सील कर सघन जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से अंतर्राज्यीय सीमाओं पर आवश्यकता अनुसार चैक पोस्ट स्थापित कराए जाएं। कण्डिका-1 के अलावा जिले में प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले वाहनों की सघन जांच की जाए रेल्वे स्टेशन, बस स्टेण्ड, धर्मशालाओं तथा होटलों पर आने वाले मुसाफिरों की आमद की जांच की जाए। सघन जांच में अवैध अस्त्र-शस्त्रों के संग्रहण का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। नगरीय निकाय क्षेत्रों में संवेदनशीलता का आंकलन कर पुलिस बल का वितरण किया जाए। इस कार्य हेतु विगत नगरीय निकाय, पंचायत, विधानसभा, लोकसभा निर्वाचन में हुई हिंसा तथा ग्राम में पार्टीबंदी तथा स्थानीय विवादों को ध्यान में रखा जाए। पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में मोबाइल इकाईयां इस प्रकार से रखी जाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई न कोई मोबाईल 15 मिनट के अंतराल में प्रत्येक मतदान केन्द्र पर पहुंचे जिससे संपूर्ण क्षेत्र डोमीनेशन में रहे। दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस का मूवमेंट अधिकतम रखा जाए तथा दस्यु समूहों के मूवमेंट पर कड़ी नजर रखी जाकर सघन जांच कराई जाए। निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए शस्त्र-अस्त्र शत प्रतिशत जमा कराए जाएं।
अतिविशिष्ट व्यक्तियों के आगमन पर आयोजित सभाओं में वर्गीकरण अनुसार सुरक्षा व्यवस्था रखी जाए। असामाजिक तत्वों तथा आपराधिक व्यक्तियों के विरुद्ध अधिकतम संख्या में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए। संबंधित थाना प्रभारी तथा कार्यपालिक दण्डाधिकारी मौके पर ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर बाउण्डओवर की कार्रवाई करें। अवैध शस्त्रों तथा अवैध शराब की जब्ती की कार्रवाई की जाए। न्यायालयों द्वारा जारी वारंटों को शीघ्र तामीलें कराई जाएं। संपत्ति विरूपण एवं कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए। जमानत पर छूटे व्यक्तियों, हिस्ट्रीसीटर बदमाशों तथा निगरानीशुदा बदमाशों पर सतत नजर रखी जाकर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। आदर्श आचरण संहिता का अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जाए। अवैध शराब तथा अवैध शस्त्रों के धर पकड़ की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।