न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद मिली लोगों को गंदगी से मुक्ति

लोक उपयोगी सेवाओं के संबंध में समस्या होने पर की जा सकती है याचिका/ शिकायत

भिण्ड, 27 मई। राष्ट्रीय राजमार्ग 92 पर बने मेला ग्राउण्ड के पास मछली तालाब पर अब गंदगी से लोगों को निजात मिल सकेगी, क्योंकि भिण्ड न्यायालय द्वारा आवेदक और अनावेदक के मध्य आपसी समझौते के आधार पर संचालित प्रकरण का निराकरण किया गया था और छह माह में गंदगी और कचड़े के ढेर को साफ करने का निर्देश दिया गया था।
जिला न्यायाधीश/ सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण सुनील दण्डौतिया के अनुसार उनके न्यायालय में एडवोकेट नरेन्द्र सिंह बघेल द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत लोक उपयोगी सेवा के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग 92 पर मेला ग्राउण्ड के पास मछली तालाब में गंदगी और उसके आस-पास नगर पालिका भिण्ड द्वारा शहरी कचड़ा एकत्रित करने के चलते स्थानीय लोगों में मौसमी बीमारी और अन्य परेशानियां होने को लेकर याचिका प्रस्तुत की थी, जिस पर न्यायालय सुनवाई के बाद छह माह में समस्या का निराकरण करने का आदेश दिया गया था। उक्त आदेश के परिपालन में मेला ग्राउण्ड के पास मछली तालाब और उसके आस-पास के क्षेत्र में स्थानीय लोगों को गंदगी और कचड़े से मुक्ति मिल गई है और उक्त स्थान का उपयोग पर फायर स्टेशन का निर्माण नगर पालिका द्वारा कराया जाना सुनिश्चित किया गया।
न्यायाधीश सुनील दण्डौतिया ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 22-ए के तहत जन उपयोगी सेवा के मामलों एवं अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर बिना अभिभाषक के स्वयं अथवा अधिवक्ता के माध्यम से विहित प्रारूप में याचिका/ शिकायत प्रस्तुत की जा सकती है, जिसमें किसी भी प्रकार का कोई न्याय शुल्क नहीं लगता है और जन उपयोगी अदालत द्वारा निश्चित समय सीमा में याचिका/ शिकायत का निराकरण किया जाता है।